
रतनपुर, बिलासपुर (छ.ग.) –:—
साल दर साल श्रद्धा और संस्कृति की नई ऊंचाइयाँ छूता बजर गणेश उत्सव इस बार इतिहास रचने को तैयार है! गौरोवशाली 11वें वर्ष में प्रवेश कर रहा यह आयोजन अब एक परंपरा नहीं, बल्कि जनमानस की आस्था और उत्सव का सबसे बड़ा पर्व बन चुका है।इस बार का आयोजन सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि भक्ति और भव्यता की महायात्रा होगी – जहाँ हर कदम पर रोमांच, हर झांकी में संदेश और हर आरती में शक्ति का संचार होगा।
ऐसा आयोजन… जो रतनपुर ने पहले कभी न देखा!
स्थापना महोत्सव – 27 अगस्त, रात 7 बजे
रात होते ही जब बप्पा की स्थापना ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और हजारों दीपों की रोशनी में होगी, तब पूरा रतनपुर एक विशाल मंदिर में बदल जाएगा। भावनाओं का सागर उमड़ेगा, और भक्तों की जय-जयकार से गूंजेगा –
“गणपति बप्पा मोरया!”
दैनिक आरती – सुबह 9 बजे और शाम 7:30 बजे
हर दिन भक्तों का सैलाब, भक्ति रस की धारा में बहता नजर आएगा।
हवन पूजन – 6 सितम्बर, शाम 7 बजे
जहाँ अग्नि में आहुतियाँ समर्पित होंगी, वहीं वातावरण में शुद्धि और शक्ति का संचार होगा।
स्थान:
मेन रोड, पुराना बस स्टैंड, रतनपुर
दो बड़े धमाके – जो आयोजन को बना देंगे यादगार!——–
आगमन विशेष आकर्षण – 24 अगस्त, रात 7 बजे से विशेष रूप से आ रहे हैं –
बंटी घूमाल ग्रुप, बिलासपुर
जिनकी धमाकेदार प्रस्तुति, झांकियों का जादू और आतिशबाज़ी का तूफ़ान रतनपुर के दिलों को थर्रा देगा।
🚩 विसर्जन शोभायात्रा – 11 सितम्बर, शाम 4 बजे से
जब बप्पा की विदाई होगी, तब पूरा शहर थमेगा।
राजा घूमाल ग्रुप, दुर्ग के साथ विशाल झांकियाँ, भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़ों की थाप और अद्भुत आतिशबाज़ी के बीच बप्पा को विदाई दी जाएगी। यह नज़ारा रतनपुरवासियों के दिल में जीवनभर की याद बनकर बस जाएगा
आप कहाँ होंगे उस दिन?
बजर गणेश उत्सव समिति, रतनपुर का भावपूर्ण निमंत्रण –
आइए, अपने परिवार, मित्रों, बच्चों, बड़ों के साथ शामिल हों इस गौरव, गर्व और गजराज के पर्व में!यह सिर्फ उत्सव नहीं…
यह रतनपुर की रगों में दौड़ती श्रद्धा की बिजली है,
यह वह पर्व है जो हर दिल में बप्पा का मंदिर बनाता है।






