
भरारी (बिल्हा)रतनपुर–बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरारी में हाल ही में हुई 13 वर्षीय मासूम की नृशंस हत्या के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना से क्षुब्ध ग्रामवासियों ने सोमवार को सर्वसम्मति से एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें गांव की सुरक्षा, शांति और सामाजिक संरचना को बचाए रखने के लिए कड़े निर्णय लिए गए।बैठक की अध्यक्षता सरपंच प्रतिनिधि विनय शुक्ला ने की, जिसमें ग्राम पंचायत के सभी पंचों सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि कोई व्यक्ति गांव में शराब, गांजा या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते या बेचते पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों ने यह भी तय किया कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में जो लोग अवैध रूप से शराब या गांजा बेच रहे हैं, उन्हें पहले पंचायत के पंच और जनप्रतिनिधि समझाइश देंगे,
और इसके बावजूद अगर वे अपनी गतिविधियां नहीं रोकते, तो उनके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।वही इस अवसर पर प्रमुख रूप से प्रमोद शुक्ला , जतन साहू, दाऊ राम यादव, जनक राम सहित सैकड़ो ग्रामीण लोग उपस्थित थे ।
सरपंच प्रतिनिधि विनय शुक्ला ने बैठक में कहा –
“यह सिर्फ एक मासूम की हत्या नहीं, बल्कि पूरे गांव के आत्मसम्मान और सुरक्षा पर हमला है। अब भरारी में कोई भी अवैध गतिविधि नहीं चलेगी। यह गांव अब नशा मुक्त और सुरक्षित बनाने का संकल्प ले चुका है।”
गांव के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने भी बैठक में सक्रिय भागीदारी दिखाई और नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को पूर्ण समर्थन देने की बात कही।पंचायत और ग्रामीणों की यह एकजुटता न केवल एक सामाजिक क्रांति की शुरुआत है, बल्कि यह प्रशासन और समाज को यह संदेश भी देती है कि अब गांव खुद अपनी रक्षा के लिए तैयार हैं।










