
जनसुनवाई से पहले कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन
सीपत,,,,, मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम भिलाई रलिया में प्रस्तावित एमएस अरपा कोल धुलाई संयंत्र को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि यह परियोजना गाँव की खेती, पानी और स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से तय किया है कि हर स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा और 25 अगस्त को जयरामनगर में होने वाली जनसुनवाई से पहले ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
ग्रामीणों का दर्द और चिंता
रविवार को सीपत विश्रामगृह में हुई बैठक में रलिया सरपंच रेखा शैलेन्द्र सांडे, भिलाई सरपंच हरदीप सूर्या, एरमसाही जनपद सदस्य अंजनी भास्कर पटेल, रांक जनपद सदस्य रेवाशंकर साहू, गतौरा जनपद सदस्य मंजूदेवी कुर्रे, गतौरा सरपंच मीना नरेंद्र वस्त्रकार , जयरामनगर मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र पटेल , सीपत भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अभिलेश यादव , भाजपा महामंत्री श्याम पटेल , मन्नू सिंह ठाकुर , शत्रुहन लास्कर , हेमंत यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि संयंत्र से वायु और जल प्रदूषण बढ़ेगा , धूलकण, राख और रासायनिक अपशिष्ट से खेती व पशुधन पर सीधा असर होगा। अत्यधिक जल खपत से गाँव में पानी का संकट और गहराएगा। प्रदूषण से खेतों की उत्पादकता घटेगी और सांस, फेफड़े व त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ेंगी।
पारदर्शिता पर सवाल
बैठक में यह आरोप भी लगाया गया कि ग्रामीणों को परियोजना की पूरी जानकारी नहीं दी गई है और पर्यावरणीय आकलन रिपोर्ट को सरल भाषा में उपलब्ध नहीं कराया गया। इससे यह साफ है कि स्थानीय जनता को अंधेरे में रखकर परियोजना आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
सर्वसम्मति से निर्णय
सभी ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यह संयंत्र गाँव के सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ देगा। इसलिए कलेक्टर को ज्ञापन देकर इस परियोजना का विरोध दर्ज कराया जाएगा और जनसुनवाई में भी मजबूती से अपनी आवाज उठाई जाएगी।








