
स्वामी आत्मानंद महाविद्यालय में ब्रह्माकुमारी मंजू बहिन ने किया प्रेरणादायक मार्गदर्शन
बिलासपुर::—
कभी-कभी कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो केवल कार्यक्रम बनकर नहीं रहते, बल्कि चेतना का दीप जलाकर दिलों में समाज सेवा की लौ सुलगा जाते हैं।
ऐसा ही एक दृश्य आज स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, बिलासपुर में उस समय देखने को मिला जब प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था, राजकिशोर नगर केन्द्र की प्रमुख संचालिका मंजू बहिन ने विद्यार्थियों के मध्य अपने सादगीपूर्ण किन्तु प्रभावशाली शब्दों से जीवनदायिनी रक्तदान और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई।रेडक्रॉस यूनिट के तत्वावधान में आयोजित इस जागरूकता सत्र का उद्देश्य था –
“रक्तदान है जीवनदान” की भावना को युवाओं के दिलों में रोपित करना। आगामी 24 अगस्त को आयोजित होने जा रहे रक्तदान शिविर के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने मंजू बहिन ने कहा –—–रक्तदान केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि किसी अनजान को नया जीवन देने की दिव्य अनुभूति है।”
उन्होंने यह भी बताया कि समाज में रक्तदान को लेकर अनेक भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिन्हें समझदारी और सही जानकारी के माध्यम से दूर किया जा सकता है। कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं ने रक्तदान के प्रति अपनी सोच बदली और कई ने मौके पर ही रक्तदान शिविर में भाग लेने का संकल्प लिया।
नशा मुक्ति की ली शपथ
मंजू बहिन ने विद्यार्थियों को केवल रक्तदान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प भी दिलवाया। उन्होंने कहा ,, “युवाओं की शक्ति तभी सार्थक है जब वह नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर समाज को दिशा दे।”
प्राचार्य की प्रेरणा
प्राचार्य डॉ. यू. के. श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल युवाओं के भीतर सेवा, संवेदना और जिम्मेदारी के भाव को जागृत करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को निस्वार्थ भाव से रक्तदान करने और समाज के लिए उपयोगी बनने का संदेश दिया
संचालन और सहयोग
इस भावपूर्ण कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक डॉ. राजकुमार सचदेव ने किया, वहीं रेडक्रॉस यूनिट के प्रभारी प्रो. एल. के. गवेल ने सभी का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर प्रो. प्रेमलता वर्मा, प्रो. बृजकिशोर त्रिपाठी, डॉ. श्रीमती रामेश्वरी बंजारा, श्रीमती ज्योति यादव, डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. कृतिका साहू और प्रो. सिद्धांत शर्मा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










