
सीपत :– गांव करमा में रविवार को स्वयं सिद्धा फाउंडेशन द्वारा तीज महापर्व के पूर्व जरूरतमंद महिलाओं को साड़ी वितरण और बुजुर्गों का सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सीपत टीआई गोपाल सतपथी उपस्थित रहे। टीआई गोपाल सतपथी ने कहा कि फाउंडेशन का यह प्रयास सराहनीय है। ऐसे आयोजन पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करते हैं। समाज और पुलिस के बीच का रिश्ता डर का नहीं बल्कि विश्वास और आत्मीयता का होना चाहिए। जब ऐसे कार्यक्रम होते हैं तो हमें भी परिवार का हिस्सा होने का एहसास होता है। उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजन समाज को नई दिशा देते हैं। जनता और पुलिस के बीच की मजबूत कड़ी ही अपराधमुक्त और बेहतर समाज की नींव है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष चंचल सलूजा ने बताया कि तीज छत्तीसगढ़ का बड़ा त्यौहार है और त्यौहार की सच्ची खुशी तभी है जब हम जरूरतमंदों के साथ इसे साझा करें। स्वयं सिद्धा फाउंडेशन का प्रयास हमेशा यही रहेगा कि कोई भी महिला, कोई भी परिवार खुद को पीछे या उपेक्षित महसूस न करे। त्यौहार सिर्फ अपने घर तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे समाज में खुशी और अपनापन फैलाए – यही हमारी सबसे बड़ी कामयाबी होगी। सचिव गंगा निषाद ने कहा कि सचिव गंगा निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि स्वयं सिद्धा फाउंडेशन लगातार सामाजिक एकजुटता और जरूरतमंदों की सेवा के लिए कार्य कर रहा है। हमारा उद्देश्य केवल तीज जैसे त्यौहार पर खुशियाँ बांटना ही नहीं, बल्कि पूरे साल हर वर्ग तक पहुंचकर समाज में सकारात्मक संदेश देना है। जिस दिन हम समाज के हर तबके तक मदद और समानता का भाव पहुँचा देंगे, उसी दिन हमारा प्रयास सफल होगा।

कार्यक्रम का संचालन अनिल तिवारी ने किया। इस दौरान मंच पर रामदत्त गौरहा, सरपंच नंद राम साहू, वार्ड पंच रानू गौरहा, नवीन दुबे, मोनिका तिवारी, हर्षप्रीत छाबड़ा, अवनी वाशिंग, पूजा तिवारी, ईशान्या साहू, राजेश गौरहा, राजकुमार कश्यप, जीवन साहू, समरिन साहू, लोहारसन कश्यप, उद्धव कश्यप, अनूज शर्मा, भुवन तिवारी, रामाधार, दशरथ साहू, रामकृष्ण कश्यप (पंच), प्रकाश सिंह (पंच), ललिता कश्यप (पंच), संतोषी साहू (पंच), रामकुमारी श्रीवास (पंच), शीतला यादव (पंच), दुर्गेश्वरी सिदार (पंच), गणेश राम दिवाकर (पंच), नंदकुमार चौबे एवं सीपत थाना स्टाफ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व फाउंडेशन के सदस्य मौजूद रहे कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ओर से जरूरतमंद महिलाओं को साड़ी और बुजुर्गों को गमछा पहनाकर सम्मानित किया गया।








