
संगठन विस्तार, चुनाव, अनुशासन, कानूनी सुरक्षा और पत्रकार एकता पर
बना ठोस रोडमैप
ग्राम से शहर तक पत्रकारों को जोड़ने का संकल्प, आजीवन सदस्यता अभियान की भव्य शुरुआत
रायपुर :— पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ की वार्षिक प्रांतीय बैठक राजधानी रायपुर स्थित सालेम हॉस्टल में अत्यंत भव्य, अनुशासित और ऊर्जा से ओतप्रोत वातावरण में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिलों से पहुंचे कार्यकारिणी पदाधिकारी, जिला प्रतिनिधि, वरिष्ठ पत्रकार, युवा मीडियाकर्मी तथा ग्रामीण अंचलों से आए पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संगठन की बीते वर्षों की गतिविधियों की समीक्षा, आगामी कार्ययोजना तैयार करना तथा पत्रकारों के हित, सुरक्षा और सम्मान को लेकर एक सशक्त रोडमैप बनाना रहा।
बैठक की शुरुआत संगठन के ध्येय वाक्य और प्रस्तावना के साथ हुई। इसके बाद अलग अलग सत्रों में पूरे प्रदेश से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने जिलों की स्थिति, जमीनी सच्चाइयों, प्रशासनिक चुनौतियों और पत्रकारों के समक्ष खड़ी समस्याओं को खुलकर रखा। कई वक्ताओं ने बताया कि विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में कार्यरत पत्रकार आज भी असुरक्षा, आर्थिक दबाव, फर्जी मामलों और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। इन बिंदुओं पर गहन चर्चा हुई और संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने पर सहमति बनी।
प्रदेश कार्यकारिणी की सशक्त मौजूदगी, संगठन को मिली नई दिशा
इस ऐतिहासिक बैठक में प्रदेश स्तर के सभी प्रमुख पदाधिकारी मंच पर मौजूद रहे। विशेष रूप से नसीम कुरैशी (प्रदेश उपाध्यक्ष), विश्व प्रकाश शर्मा (प्रदेश उपाध्यक्ष), निहारिका श्रीवास्तव (प्रदेश महासचिव), प्रताप नारायण बेहरा (प्रदेश सचिव), कुलेश्वर सिन्हा (प्रदेश कोषाध्यक्ष), रमेश बेहरा (अनुशासन समिति प्रदेश अध्यक्ष), लव कुमार रामटेके (प्रदेश कानूनी सलाहकार), शिव कुमार भिलेपारिया (अनुशासन समिति प्रदेश उपाध्यक्ष) तथा
प्रकाश कुमार यादव (प्रदेश मीडिया प्रभारी) ने अपनी सक्रिय भागीदारी से बैठक को दिशा दी।
प्रदेश महासचिव निहारिका श्रीवास्तव ने संगठन की संरचना, संचालन प्रणाली और भावी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रदेश सचिव प्रताप नारायण बेहरा ने संगठन को और अधिक लोकतांत्रिक, सक्रिय और युवा पत्रकारों के लिए आकर्षक बनाने पर बल दिया। प्रदेश कोषाध्यक्ष कुलेश्वर सिन्हा ने संगठन की आर्थिक स्थिति, पारदर्शी लेखा-जोखा और संसाधन सुजन की योजनाओं पर विचार रखे। तीन वर्षों की गतिविधियों की व्यापक समीक्षा
बैठक में पिछले तीन वर्षों के संगठनात्मक कार्यों, अभियानों और उपलब्धियों की गहन समीक्षा की गई। अलग-अलग जिलों के प्रतिनिधियों ने बताया कि पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ ने कई मामलों में पत्रकार उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई, प्रशासन से संवाद स्थापित किया और पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
ग्रामीण अंचलों से आए पत्रकारों ने बताया कि अब भी उन्हें पहचान, सुरक्षा और सहयोग के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इस पर संगठन ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में महासंघ का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीण, ब्लॉक और तहसील स्तर के पत्रकारों पर रहेगा और वहीं से संगठन की असली ताकत खड़ी की जाएगी।
संगठन विस्तार, परिभाषा और चुनाव पर ऐतिहासिक निर्णय
बैठक के सबसे अहम एजेंडों में संगठन विस्तार, संगठन की स्पष्ट परिभाषा और आगामी संगठनात्मक चुनाव शामिल रहे। तय किया गया कि प्रदेश के हर जिले में संगठनात्मक इकाइयों को और अधिक सक्रिय किया जाएगा तथा ब्लॉक और तहसील स्तर तक पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। संगठन की परिभाषा को लेकर सर्वसम्मति बनी कि पत्रकार महासंघ छत्तीसगढ़ सिर्फएक पंजीकृत संस्था नहीं, बल्कि
पत्रकारों की एकता, अनुशासन, संघर्ष, सुरक्षा और सम्मान का साझा मंच होगा।
प्रदेश महासचिव निहारिका श्रीवास्तव और प्रदेश सचिव प्रताप नारायण बेहरा ने नियमित और पारदर्शी चुनाव कराने, संगठन में युवा और महिला पत्रकारों की भागीदारी बढ़ाने तथा जिला इकाइयों को सशक्त करने पर विशेष जोर दिया। अनुशासन संगठन की आत्मा
अनुशासन समिति के प्रदेश अध्यक्ष रमेश बेहरा ने कहा कि अनुशासन के बिना कोई भी संगठन लंबे समय तक टिक नहीं सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन विरोधी गतिविधियों, अनुशासनहीनता और पत्रकारिता के मूल्यों से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अनुशासन समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष शिव कुमार भिलेपारिया ने संगठनात्मक मर्यादा, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की बात कही और बताया कि आने वाले समय में अनुशासन से जुड़े स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
कानूनी सुरक्षा तंत्र को मिलेगी मजबूती प्रदेश कानूनी सलाहकार लब कुमार रामटेके ने अपने संबोधन में कहा कि आज पत्रकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कानूनी असुरक्षा बनती जा रही है। उन्होंने बताया कि कई जिलों में पत्रकारों पर झूठे मुकदमे, धमकी और दबाव की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में महासंघ जल्द ही एक प्रदेश स्तरीय और जिला स्तरीय कानूनी सहायता तंत्र विकसित करेगा, ताकि संकट की घड़ी में पत्रकारों को तत्काल सहयोग मिल सके।
मीडिया सशक्तिकरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रकाश कुमार यादव ने संगठन की मीडिया रणनीति और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पत्रकारिता तेजी से बदल रही है और डिजिटल युग में पत्रकारों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना जरूरी है।









