
बिलासपुर रेंज में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग एक्शन मोड में नजर आ रहा है।
5 मई 2026 को पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेते हुए अपराधों पर लगाम कसने और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा और कोरबा जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में आईजी ने सबसे ज्यादा फोकस लंबित मामलों के जल्द निपटारे पर दिया।
रेंज में धारा 173(8) CrPC और 193(9) BNSS के तहत कुल 752 प्रकरण लंबित हैं, जिनमें कोरबा और बिलासपुर जिले सबसे ऊपर हैं।
आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्ष 2021 और उससे पुराने सभी मामलों को अगले दो महीनों में शून्य करने का लक्ष्य रखा जाए।
इसके साथ ही लूट और डकैती जैसे गंभीर अपराधों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। फरार आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
प्रक्रियात्मक सुधारों को लेकर भी अहम दिशा-निर्देश दिए गए—
अब किसी भी अस्पताल से MLC मिलने पर संबंधित थाना प्रभारी को 24 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य होगा।
साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किए बिना जांच प्रक्रिया तुरंत शुरू करने को कहा गया है।
तकनीकी पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए आईजी ने “मानस पोर्टल” पर प्राप्त नारकोटिक्स इनपुट का 100% सत्यापन सुनिश्चित करने,
“सशक्त एप” में डेटा अपडेट रखने और “अनुभव एप” के जरिए जनता से स्वैच्छिक फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने और समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
बिलासपुर रेंज में अब अपराधियों के लिए जगह कम होती नजर आ रही है और पुलिसिंग को और ज्यादा स्मार्ट और सख्त बनाने की तैयारी तेज हो गई है।





