
तखतपुर,,,,आंधी तूफान आने के बाद पूरे तखतपुर क्षेत्र की बिजली बंद हो गई लोग हलकान हो गए पूरी रात बिजली के इंतजार में बीत गई सवेरे भी दिन भर लोग भला काम रहे पर बिजली आंख मिचोली का खेल खेलते रही हालांकि यह एक प्राकृतिक आपदा है इसके बावजूद भी तखतपुर क्षेत्र के बिजली विभाग के कर्मचारी एवं अधिकारी रात से ही 24 घंटे अपने काम को अंजाम दे रहे हैं मजबूरी इनकी भी है कि अंग्रेजों के जमाने का तार आज भी क्षेत्र वासियों को अपनी सेवाएं दे रहा है
पर यह उम्र के साथ कमजोर हो चुका है जिसे बदलने हर हाल में जरूरी हो चुका है इसके साथी कई छोटे-छोटे कल पुर्जे भी कब जमाने से सेवानिवृत हो चुके हैं पर मजबूरी में आज भी इनसे कम लिया जा रहा है तखतपुर क्षेत्र के अधिकारी व कर्मचारी बहुत मजबूर होकर अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं जिसमें इन्हें जान का खतरा भी बना रहता है तखतपुर में 24 घंटे से अधिक ब्लैकआउट, बिजली-पानी संकट से जनजीवन अस्त-व्यस्त
तखतपुर। 5 मई की शाम आए धूल भरे बवंडर और तेज बारिश ने तखतपुर शहर की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। आंधी-तूफान के चलते जगह-जगह बिजली के तार उलझ गए और कई स्थानों पर पेड़ गिरने से तार टूट गए, जिसके कारण रात से बंद हुई बिजली दूसरे दिन शाम तक भी बहाल नहीं हो सकी। 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बिजली विभाग लगातार सुधार कार्य में जुटा रहा, लेकिन आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई।
बिजली गुल होने से शहर में पानी का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया। सुबह होते ही लोगों को पानी के लिए तरसना पड़ा। अधिकांश घरों में मोटर पंप बिजली पर निर्भर होने के कारण जल आपूर्ति ठप हो गई। इससे लोगों को समझ आया कि बिजली के बिना पानी की उपलब्धता भी मुश्किल हो जाती है।

बिजली बाधित रहने से व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। आइसक्रीम, डेयरी और ठंडे पेय पदार्थों की दुकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानदारों को जनरेटर के सहारे काम चलाना पड़ा, वहीं कुछ दुकानें लगभग बंद ही रहीं।
शहर की आधे से अधिक आबादी फिल्टर और आरओ पानी पर निर्भर है। बिजली नहीं होने के कारण आरओ प्लांट भी बंद रहे, जिससे पीने के पानी की समस्या और गंभीर हो गई। पानी सप्लाई करने वाले भी उपभोक्ताओं तक पानी नहीं पहुंचा सके। नहाने और पीने दोनों तरह के पानी के लिए लोगों को जूझना पड़ा।
गृहणियों को खाना बनाने और बर्तन साफ करने तक में परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग पूरे दिन एक-दूसरे से यही पूछते नजर आए कि आखिर बिजली कब आएगी।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि आधुनिक जीवन में बिजली की अहमियत कितनी अधिक है। फिलहाल नागरिकों की नजरें बिजली विभाग पर टिकी हैं और सभी को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।




