
बिलासपुर….छत्तीसगढ़ में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
बिलासपुर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबित सिविल और आपराधिक मामलों की पहचान कर उन्हें लोक अदालत के माध्यम से शीघ्र निपटाया जाए।
खास तौर पर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, चेक बाउंस और मोटर दुर्घटना से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सभी जिला न्यायाधीश, विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी, परिवार न्यायालय और श्रम न्यायालय के न्यायिक अधिकारी भी शामिल हुए।
साथ ही अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि पक्षकारों के बीच आपसी समझाइश और समन्वय बनाकर अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
आपको बता दें कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण यानी NALSA के निर्देशानुसार, 9 मई 2026 को पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।
इसमें उच्च न्यायालय से लेकर जिला, तहसील और अन्य न्यायालयों में लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, अब तक लाखों मामलों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें प्री-लिटिगेशन और न्यायालय में लंबित प्रकरण शामिल हैं।
इन मामलों में आपसी सहमति से समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
इसके अलावा “समाधान समारोह” अभियान के तहत भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक मामलों का निपटारा सहमति के आधार पर हो सके।
फिलहाल, प्रशासन और न्यायिक अमला पूरी तरह से तैयारियों में जुटा हुआ है, जिससे आम लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय मिल सके।




