
ढ़ोल-मांदरी की थाप, पारंपरिक स्वागत और स्थानीय व्यंजनों से हुआ अतिथियों का अभिनंदन
नारायणपुर,:—- जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम ईरकभट्टी एवं बेचा में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं का भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय मिशन संचालक, जल शक्ति मंत्रालय नई दिल्ली कमल किशोर सोन तथा एरिया ऑफिसर उमेश भारद्वाज द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान दोनों ग्रामों में उत्साह एवं जनभागीदारी के साथ ‘जल अर्पण कार्यक्रम’ एवं ‘जल बंधन कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया।
निरीक्षण के दौरान ईरकभट्टी पहुंचने पर अधिकारियों का गोटूल परिसर में पारंपरिक ढंग से ढोल-मांदरी से आत्मीय स्वागत किया गया। आंगनबाड़ी के नन्हे बच्चों ने स्वागत गीत, कविता, गिनती सुनाकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को देखकर अधिकारी अत्यंत प्रसन्न हुए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर पेयजल आपूर्ति, जल की गुणवत्ता, नियमित वितरण एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के माध्यम से अब गांव में नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे उनकी दैनिक समस्याओं में काफी राहत मिली है। ग्रामीणों ने योजना के सुचारू संचालन पर संतोष व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया।
कलेक्टर नम्रता जैन ने जानकारी दी कि ईरकभट्टी में कुल 55 घर हैं तथा ग्राम को ‘हर घर जल ग्राम’ घोषित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि पूर्व में ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब जल जीवन मिशन के माध्यम से प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय मिशन संचालक के.के. सोन ने ईरकभट्टी की पूसे गोटा के घर पहुंचकर क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन का भौतिक निरीक्षण किया तथा जल प्रदाय व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामवासियों एवं हितग्राहियों से चर्चा कर योजना से मिल रहे लाभों और उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी प्राप्त की।
कच्चापाल ग्राम पंचायत की सरपंच रजमा नुरेटी ने अधिकारियों को योजना के संचालन एवं संधारण की जानकारी दी। उन्होंने जल गुणवत्ता परीक्षण, नियमित वॉटर टेस्टिंग तथा पेयजल व्यवस्था के रखरखाव से संबंधित गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया।
इसके पश्चात निरीक्षण दल ग्राम बेचा पहुंचा, जहां जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित पेयजल व्यवस्था का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल आपूर्ति, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान ग्राम में उत्साहपूर्वक ‘जल अर्पण कार्यक्रम’ का आयोजन भी किया गया।
राष्ट्रीय मिशन संचालक के.के. सोन ने ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि स्वच्छ जल स्वस्थ जीवन का आधार है। पानी को व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए और आवश्यकता अनुसार ही उसका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में कमी आएगी तथा लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा।
बेचा में ‘जल वाहिनी’ महिला समूहों द्वारा किए जा रहे जल गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया का भी अधिकारियों ने अवलोकन किया और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी एवं कार्यप्रणाली की सराहना की। ग्रामीण महिलाओं द्वारा तकनीकी रूप से जल परीक्षण किए जाने को उन्होंने आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
ग्राम बेचा में मुरनार सरपंच रजनी नेताम एवं ग्रामीणों द्वारा अतिथियों के स्वागत के लिए पारंपरिक व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों ने मड़िया पेज सहित स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लिया और अबूझमाड़ की समृद्ध संस्कृति, आत्मीयता एवं पारंपरिक खानपान की सराहना की।
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त मिशन संचालक ओंकेश चंद्रवंशी, मुख्य अभियंता जे.एल. लखेला, अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार शुक्ला, पीएचई कार्यपालन अभियंता एस.के. वर्मा, ओरछा जनपद सीईओ लोकेश चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय मिशन संचालक ने किया ईरकभट्टी एवं बेचा की पेयजल व्यवस्थाओं का निरीक्षण">







