
बिलासपुर में लगातार हो रही बिजली कटौती और उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों को लेकर बिजली विभाग अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों की समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं की शिकायतों को नजरअंदाज करना अब भारी पड़ सकता है।
बैठक के दौरान अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा गया कि बिजली बाधित होने से ज्यादा शिकायतें फोन कॉल रिसीव नहीं करने की मिल रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान समय पर करना और उनकी बात सुनना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि जिले के कई ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में बिजली केबल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिससे आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि सैकड़ों स्थानों पर केबल जलने और तकनीकी संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं मौजूद हैं।
इन चुनौतियों को देखते हुए सभी वितरण केंद्रों से आवश्यक सामग्री की सूची मांगी गई है और फील्ड स्टाफ को जल्द संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि अब लापरवाही, बहानेबाजी और शिकायतों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभाग ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी देना और निर्धारित समय सीमा में समस्याओं का समाधान करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। ऐसा नहीं होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है।






