
भारत की पावन संस्कृत में गंगा दशहरा एवं गायत्री जयंती का विशेष महत्व है। पतित पावनी मां गंगा तन को निर्मल करती है एवं सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री जगत जननी मां गायत्री मन को निर्मल करती है इन दोनों महा शक्तियों का एक ही दिन सृष्टि पर अवतरण हुआ है।
अतः 23 एवं 24 जून को बड़े ही श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार जिला कोंडागांव द्वारा संचालित चिखल पुट्टी स्थित आश्रम में इस महापर्व को “जिला स्तरीय गायत्री जयंती एवं धर्म सभा सांस्कृतिक समागम” के रूप में इस बार मनाया जा रहा है।जिसमें जिले भर से आस्थावान भाई बहन, प्रज्ञा परिजन,धर्म तंत्र के विभूतिगण, समाज सेवक, जनप्रतिनिधि एवं प्रबुद्ध जनों का गरिमामयी उपस्थिती रहेगी। इस महापर्व को गायत्री परिवार द्वारा इस बार जिला स्तर में मनाने का मूल उद्देश्य शांतिकुंज हरिद्वार का ड्रीम प्रोजेक्ट चिखलपुट्टी स्थित आश्रम में गायत्री परिवार द्वारा चलाए जा रहे विविध गतिविधियों को मूर्त रूप देना है। यह आश्रम बस्तर संभाग के सातों जिला का मूल केंद्र होगा
जिसमें साधना आंदोलन, स्वास्थ्य संवर्धन, कुरीति उन्मूलन एवं नशामुक्ति आंदोलन, स्वावलंबन, नारी जागरण, पर्यावरण संवर्धन एवं गुरुकुल आधारित शिक्षण संस्थान का संचालन करना है। साथ ही सनातन संस्कृति के लिए समर्पित सतत प्रशिक्षण एवं विविध रचनात्मक सत्रों के द्वारा यहां से लोकसेवी तैयार होंगे। इस पावन आयोजन को लेकर के जिले भर में काफी उत्साह देखा जा रहा है। दो दिवसीय इस आयोजन में 23 जून को मोटरसाइकिल से शोभा यात्रा निकलेगी एवं संध्याकालीन संगीत प्रवचन का कार्यक्रम संपन्न होगा एवं 12 घंटे का अखंडजप संपन्न होने के पश्चात 24 जून को मां गंगा एवं गायत्री का अवतरण पूजन एवं नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ संपन्न होगा
तत्पश्चात पधारे विशिष्ट अतिथियों एवं प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति में धर्म सभा सांस्कृतिक समागम संपन्न होगा गायत्री परिवार की संस्थापिका परमवंदनीया माताजी के जन्म शताब्दी में लिए गए संकल्प को साकार करने सभी प्रज्ञा परिजन शपथ लेंगे एवं नवयुग के संविधान का सामूहिक वाचन होगा।भोजन प्रसाद के पश्चात विदाई कार्यक्रम संपन्न होगा।

कोंडागांव(छ. ग.):-गंगा दशहरा एवं गायत्री जयंती का महापर्व जिला स्तर में संपन्न होगा">





