
मस्तूरी /कोनी :—बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत कोनी में आयोजित ग्राम सभा की बैठक कई सवाल छोड़ गई। बैठक में ग्राम पंचायत से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने का दावा किया गया, लेकिन जिस बैठक में ग्रामीण अपनी समस्याएं और सुझाव रखने पहुंचे थे, वहां जिम्मेदार अधिकारी और पंचायत सचिव ही मौजूद नहीं थे।
ग्राम पंचायत कोनी में 19 वार्ड हैं, लेकिन बैठक में अधिकांश वार्डों से बहुत कम संख्या में ग्रामीण पहुंचे। बैठक में केवल सरपंच, उपसरपंच और रोजगार सहायिका की मौजूदगी दिखाई दी, जबकि सचिव और संबंधित विभागों के अधिकारी नदारद रहे। इसे लेकर ग्रामीणों के बीच नाराजगी और चर्चा का माहौल बना रहा।

ग्रामीणों का कहना था कि उनके पास आवास योजना, मूलभूत सुविधाओं और पंचायत से जुड़े कई सवाल थे, लेकिन जब जवाब देने वाले अधिकारी ही मौजूद नहीं थे तो सवाल किससे पूछे जाते। बैठक में केवल उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एक रजिस्टर रखा गया था, जिसमें लोगों के हस्ताक्षर लिए गए।
व्यवस्थाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही। भीषण गर्मी के बीच जिस कमरे में बैठक आयोजित की गई, वहां केवल एक पंखा था। न तो पर्याप्त बैठने की व्यवस्था थी और न ही ग्रामीणों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था दिखाई दी।

बैठक के दौरान रोजगार सहायिका मंजू देवी ने बताया कि ग्राम पंचायत कोनी में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 581 हितग्राहियों की सूची प्राप्त हुई है, जिसमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के नाम शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वे के दौरान एसटी वर्ग के कुछ हितग्राहियों को ओबीसी श्रेणी में दर्ज किया गया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने सवाल उठाए, हालांकि इसका स्पष्ट जवाब देने के लिए कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सभाओं में अक्सर अधिकारी-कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा अधूरी रह जाती है और समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं और ग्रामीणों के सवालों का जवाब कब मिलता है।

ग्राम सभा में उठे सवाल: सचिव और अधिकारी नदारद, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी">







