
बिलासपुर ;—बिलासपुर जिले में आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बारिश के मौसम में फैलने वाली संक्रामक और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जिले के सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्षा ऋतु में उल्टी-दस्त, आंत्रशोथ, पीलिया तथा मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए जिला मुख्यालय से लेकर सभी विकासखंडों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महामारी नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम को भी पुनः सक्रिय किया गया है।
सीएमएचओ ने निर्देश दिए हैं कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, एंटीबायोटिक्स, एंटी मलेरिया दवाएं, आईवी फ्लूइड्स, एंटी स्नेक वीनम और एंटी रेबीज सीरम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में ओआरएस कॉर्नर भी स्थापित किए जाएंगे।
जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों की नियमित निगरानी और जलशुद्धिकरण किया जाएगा। खराब हैंडपंपों की मरम्मत तथा उनमें क्लोरीन की गोलियां डालने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वे सड़ी-गली सब्जियां, कटे हुए फल, बासी भोजन और दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। साथ ही बीमारी के किसी भी लक्षण की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जिले में किसी भी संभावित महामारी या संक्रामक रोग के प्रकोप से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।







