
नारायणपुर :—- प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव खिलावन राम रिगरी के द्वारा ग्राम कुरुषनार में ग्रामीणों एवं महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा नागरिकों को विधिक अधिकारों एवं शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
इस कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नारायणपुर जितेंद्र कुमार ठाकुर, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव, थाना प्रभारी करुषनार बेल कुमार आचला, प्रतिधारक अधिवक्ता चन्द्र प्रकाश कश्यप, जनपद सदस्य, सरपंच एवं अधिकार मित्र व
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, जनप्रतिनिधि, युवा एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के अधिकार, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, साइबर अपराध से बचाव, निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम कानून तथा शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कानून की जानकारी प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जागरूक महिला न केवल अपने अधिकारों की रक्षा कर सकती है, बल्कि परिवार एवं समाज को भी न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ अवश्य लें।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों एवं महिलाओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें साइबर ठगी, नशाखोरी, घरेलू हिंसा, बाल विवाह, मानव तस्करी एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता तथा सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विधिक जागरूकता एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए नियमित रूप से ऐसे शिविरों का आयोजन करें। उन्होंने ग्रामीणों से भी आग्रह किया कि वे अपने गांव में विधिक जागरूकता का संदेश फैलाएं तथा न्यायपूर्ण, सुरक्षित एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की पहल पर कुरुषनार में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन">








