
डीएपी की उपलब्धता, कृषि कार्य के लिए डीजल और कोटा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती का मुद्दा सदन में गूंजा
कोटा:— कोटा विधानसभा क्षेत्र के विधायक अटल श्रीवास्तव ने विधानसभा सत्र के दौरान किसानों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार से जवाब तलब किया। उन्होंने किसानों को डीएपी उर्वरक की उपलब्धता, कृषि कार्य के लिए डीजल की व्यवस्था तथा कोटा विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती का मुद्दा सदन में मजबूती से रखा।
विधायक अटल श्रीवास्तव ने कृषि मंत्री से पूछा कि क्या किसानों को उनकी मांग के अनुरूप डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है तथा क्या कृषि कार्य के लिए किसानों को डिब्बों एवं जेरीकेन में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पर कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने सदन को बताया कि किसानों को वर्तमान में लगभग 60 प्रतिशत डीएपी उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि शेष आवश्यकता की पूर्ति के लिए एनपीके, एसएसपी एवं नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को कृषि कार्य के लिए डीजल की उपलब्धता सुचारू रूप से सुनिश्चित की जा रही है।
इसके अलावा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कोटा विधानसभा क्षेत्र में गंभीर विद्युत संकट का मामला भी ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अनेक गांवों में हफ्तों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहती है, वहीं कई स्थानों पर प्रतिदिन 10 घंटे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, व्यापारियों का कारोबार ठप पड़ रहा है तथा विद्यार्थियों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता, संसाधनों की कमी और रखरखाव में लापरवाही के कारण कोटा क्षेत्र के लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तथा अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों सहित पूरे कोटा विधानसभा क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को लेकर भारी नाराजगी और आक्रोश है। यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो इसका व्यापक असर कृषि, शिक्षा और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
विधानसभा में उठाए गए इन मुद्दों को क्षेत्र के किसानों और आम नागरिकों से सीधे जुड़े महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है। क्षेत्रवासियों को अब सरकार से इन समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद है।







