
गेरवानी शराब दुकान फायरिंग कांड का खुलासा: सीसीटीवी और तकनीकी सुरागों ने खोला राज, पूंजीपथरा पुलिस ने जमुई से विवेक यादव को किया गिरफ्तार
रायगढ़, :— गेरवानी स्थित शासकीय देशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में सुरक्षा गार्ड पर गोली चलाकर फरार हुए आरोपी को आखिरकार पूंजीपथरा पुलिस ने बिहार के जमुई से गिरफ्तार कर लिया। वारदात के बाद आरोपी ने दूसरे राज्य में जाकर छिपने की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सुराग और पुलिस की लगातार पतासाजी के आगे उसकी सारी चाल धरी रह गई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त पिस्टल भी बरामद की है।
गार्ड की डांट बनी गोलीकांड की वजह!
मामला 17 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे का है। गेरवानी शराब दुकान में ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के सुरक्षा गार्ड चन्द्रशेखर पटेल (43) ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान विवेक कुमार यादव और उसका साथी रोशन ठाकुर शराब दुकान पहुंचे। दोनों के व्यवहार को लेकर गार्ड ने उन्हें डांट-फटकार लगाई। विवाद बढ़ा तो दोनों वहां से चले गए।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गार्ड की डांट से उसका साथी रोशन परेशान होकर रोने लगा। इसी बात से गुस्साए विवेक ने कथित तौर पर लेबर क्वार्टर से पिस्टल उठाई और गार्ड को सबक सिखाने के इरादे से दोबारा शराब दुकान पहुंच गया।
आरोप है कि वहां पहुंचकर उसने गार्ड से गाली-गलौज की और पिस्टल से गोली चला दी। गोली चन्द्रशेखर पटेल के पेट में जा लगी।
घायल गार्ड ने किसी तरह खुद को आहाते के पीछे छिपाया और साथियों को घटना की जानकारी देने के बाद डायल-112 को सूचना दी।
गोली चलाकर भागा बिहार, खेत बना ठिकाना
फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि संदिग्ध युवक विवेक कुमार यादव (19), निवासी जीतझिंगोई, थाना खैरा, जिला जमुई, बिहार, गेरवानी स्थित अग्रोहा स्टील प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरी करता था और वारदात के बाद गायब है।
इसके बाद पुलिस टीम बिहार रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी की तलाश शुरू हुई। पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही विवेक घर से निकलकर खेत में जा छिपा।
करीब दो घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने खेत की घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया और उसे रायगढ़ लाया गया।
30 हजार में खरीदी थी पिस्टल!
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह अग्रोहा स्टील प्लांट में मजदूरी करता था और प्लांट के फोरमैन से परेशान था। उसे डराने-धमकाने के लिए वह अपने गांव गया था, जहां उसने एक व्यक्ति से 30 हजार रुपये में पिस्टल और एक गोली खरीदी थी।
यानी शराब दुकान में फायरिंग से पहले ही आरोपी के पास अवैध हथियार पहुंच चुका था। पुलिस के मुताबिक इसी पिस्टल का इस्तेमाल गार्ड पर गोली चलाने में किया गया।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा अब भी फरार
पूंजीपथरा पुलिस ने विवेक कुमार यादव पिता रामेश्वर यादव, उम्र 19 वर्ष को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से पिस्टल बरामद की है। घटना में शामिल उसका साथी रोशन ठाकुर अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
मामले में अपराध क्रमांक 206/2026 के तहत धारा 296, 351(3), 109(1) बीएनएस तथा 25, 27 आर्म्स एक्ट में कार्रवाई की गई है।
SSP का सख्त संदेश—कहीं भी छिपे हों, कानून से नहीं बचेंगे
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध कर दूसरे राज्य में भागने वाले आरोपियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। अपराधी किसी भी राज्य या क्षेत्र में जाकर छिपे, तकनीकी साक्ष्यों और पुलिस समन्वय के जरिए उसकी पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा।
इन सवालों ने बढ़ाई वारदात की गंभीरता
– आखिर 19 वर्षीय युवक तक अवैध पिस्टल और गोली कैसे पहुंची?
– क्या आरोपी पहले से हथियार लेकर गार्ड को धमकाने की तैयारी में था?
– प्लांट के फोरमैन को धमकाने के लिए खरीदी गई पिस्टल आखिर शराब दुकान की फायरिंग तक कैसे पहुंची?
– हथियार बेचने वाले व्यक्ति तक पुलिस कब पहुंचेगी?
– आरोपी का साथी रोशन ठाकुर कब पकड़ा जाएगा?
फिलहाल पूंजीपथरा पुलिस की कार्रवाई ने फायरिंग कांड के एक आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है, लेकिन अवैध हथियार के स्रोत और फरार साथी की गिरफ्तारी इस मामले की अगली बड़ी कड़ी बनी हुई है।

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