
जांच में दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्यवाही की मांग
नारायणपुर- बीते पांच दिनों से एक ऑडियो वायरल हो रही है, जिसने जिले में खुलेआम चल रही शराब की अवैध तश्करी और तश्करों से हो रही अवैध वसूली की पोल खोलकर रख दी है। इस वायरल ऑडियो में भाजपा आईटी सेल के संयोजक और एनडीटीवी के पत्रकार आकाश ठाकुर एवं छोटेडोंगर के उपसरपंच संतोष बैठारु की आवाज होने की बात सामने आ रही है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
इस वायरल ऑडियो ने जिले के राजनीतिक गालियारों में भी भूचाल ला दिया है, क्योंकि ऑडियो में शामिल दोनों व्यक्ति सीधे तौर पर भाजपा से जुड़े हुए हैं। भाजपा नेताओं के नाम सामने आने के बाद कांग्रेस ने जिले के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल की अनुपस्थिति में सिटी कोतवाली पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेसियों ने ऑडियो में मौजूद आवाजों की तकनीकी जांच सहित दोषी पाए जाने पर आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर विधि सम्मत कार्यवाही की मांग की है।
डाराभाजी सा उलझा लेन- देन
वायरल ऑडियो में पत्रकार द्वारा 50 हजार की रकम मांगे जाने के बाद उपसरपंच द्वारा मोलभाव करने पर भाजपा आईटी सेल के संयोजक और पत्रकार को यह कहते हुए सुना जा रहा है, कि खबर चलाना और जेल भेजना पांच मिनट का काम है।जो बोला हूँ, सोच समझ के बोला हूँ, ज्यादा डाराभाजी मत करो। ऑडियो के साथ ही एक फोन पे का ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी वायरल हुआ है,जिसमें किसी विश्वास कंप्यूटर वर्ल्ड एंड इंटरप्राइजेज के खाते में 15000 रूपये का ट्रांजेक्शन दिखाई दे रहा है। इतने पुख्ता सबूतों के बाद अब देखना दिलचस्प होगा की पत्रकार,उप सरपंच और शराब तश्कर पर क्या कार्यवाही होती है। फिलहाल उक्त लेन-देन का मामला डाराभाजी सा उलझा नजर आ रहा है।
अवैध वसूली के खेल में 5-6 पत्रकार कौन,जांच का विषय
ऑडियो में अवैध वसूली वाले इस टीम में 5-6 पत्रकारों के होने का भी जिक्र है।ऐसे में सवाल उठता है,कि ये पत्रकार कौन हैं। पत्रकारिता करते हुए नित्य-नये खुलासे करना पत्रकार का फर्ज है,लेकिन किसी खुलासे को रोकने के लिए सौदेबाजी करने पर जिम्मेदार पर जबरदस्ती वसूली का मामला दर्ज किया जाता है।
अब फील्ड पर आबकारी अधिकारी नहीं आबकारी पत्रकार
जिले में होने वाली अवैध मादक पदार्थों और नशाखोरी से संबंधित कार्यवाही करने के लिए हर जिले में आबकारी विभाग होता है। नारायणपुर जिले में भी आबकारी विभाग का कार्यालय जिला कार्यालय के एक कमरे में ही संचालित होता है,लेकिन जिले के आबकारी अधिकारी और कर्मचारियों का दायरा सिर्फ अपने कार्यालय तक ही सिमट कर रह गया है। उनके बदले कुछ आबकारी पत्रकार इन दिनों उनका फर्ज अदा करते नजर आ रहे हैं।
पत्रकार साथी को बचाने सभी संघ ने साधी चुप्पी
वायरल ऑडियो में एक पत्रकार के संलिप्तता की खबर होने के बाद से ही जिले में संचालित पांच पत्रकार संगठनों में शामिल किसी भी पत्रकार ने इस खबर को तवज्जो नहीं दी। बल्कि कुछ वरिष्ठ पत्रकार इस मामले को दबाने के लिए प्रयासरत नजर आए। वर्ष 2026 की शुरुआत में जिले के ही दो अन्य पत्रकारों पर एक शिक्षक से जबरन वसूली करने का मामला प्रकाश में आया था,जिसके बाद जिले के सभी पत्रकारों ने शिक्षक का साथ देते हुए पुलिस अधीक्षक नारायणपुर को ज्ञापन सौंपकर उन पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। जिसके बाद दोनों पत्रकारों पर धारा 3(5)-बीएनएस,308(2)-बीएनएस, 351(2)- बीएनएस के तहत मामला दर्ज हुआ था। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है, कि अब वही सारे पत्रकार मौन क्यों है।
जांच के बाद आरोपियों पर होगी कार्यवाही-विनीत दुबे
सिटी कोतवाली नारायणपुर के थाना प्रभारी विनीत दुबे ने कहा कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आरोपियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वायरल ऑडियो पर घमासान: पत्रकार-उपसरपंच मामले की सच्चाई उजागर करने कांग्रेस ने एसपी को सौंपा ज्ञापन">






