
बिलासपुर /मस्तूरी:— बिजली कार्यालय के अंतर्गत आने वाले कोनी फीडर की बिजली व्यवस्था इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। बार-बार ट्रिपिंग, घंटों बिजली गुल रहना और फॉल्ट आने के बाद लंबे समय तक सुधार नहीं होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि कोनी फीडर में आए दिन बिजली की समस्या सामने आती है। कभी अचानक बिजली बंद हो जाती है तो कभी बिजली आने के बाद कुछ ही समय में दोबारा ट्रिपिंग शुरू हो जाती है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और छोटे व्यवसायियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ दिन पहले मस्तूरी बिजली कार्यालय की ओर से बिजली संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए एक मोबाइल नंबर शुरू किया गया था। लेकिन आरोप है कि कुछ समय बाद इस नंबर पर संपर्क करना भी मुश्किल हो गया। कभी फोन स्विच ऑफ मिलता है तो कभी रिचार्ज खत्म होने की बात सामने आती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब कोनी फीडर की बिजली व्यवस्था में बार-बार खराबी आ रही है और शिकायत दर्ज कराने वाला नंबर ही उपलब्ध नहीं होगा, तो उपभोक्ता अपनी समस्या आखिर किसके सामने रखें?
ग्रामीणों का आरोप है कि फॉल्ट आने के बाद उसे सुधारने में कई घंटे लग जाते हैं। कुछ मामलों में दिन में आई खराबी रात तक ठीक नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। वहीं गर्मी और बरसात के दौरान मेंटेनेंस के नाम पर बिजली कटौती को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं।
मस्तूरी बिजली कार्यालय में जूनियर इंजीनियर के पद के रिक्त होने और लाइनमैन सहित अन्य कर्मचारियों की कमी की बात भी सामने आ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि स्टाफ की कमी का सीधा असर कोनी फीडर की व्यवस्था पर पड़ रहा है।
अब सवाल बिजली विभाग से है—कोनी फीडर की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा? शिकायत नंबर नियमित रूप से कब चालू रहेगा? और उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं सुरक्षित बिजली आखिर कब मिलेगी?
ग्रामीणों की शिकायतों और आरोपों पर बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।








