
बिलासपुर /मस्तूरी के सरस्वती शिशु मंदिर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में सामूहिक वंदे मातरम गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। निर्धारित समय सुबह 11 बजे पूरे देश में एक साथ वंदे मातरम के पूर्ण पदों के गायन के तहत मस्तूरी में भी विद्यार्थियों, अतिथियों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मस्तूरी तहसीलदार लखेश्वर किरण और मुख्य वक्ता के रूप में बिलासपुर के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं आराध्या हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. रजनीश पाण्डेय मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राघवेंद्र चंदेल ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद निर्धारित समय पर सभागार में मौजूद सभी लोगों ने समवेत स्वर में करीब तीन मिनट 15 सेकंड तक वंदे मातरम के पूर्ण पदों का गायन किया।
मुख्य वक्ता डॉ. रजनीश पाण्डेय ने वंदे मातरम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्रभक्ति की भावना को जीवन में आत्मसात करने की अपील की। वहीं समिति के संस्थापक सदस्य बैसाखू प्रसाद सोनी ने विद्यार्थियों को चंद्रशेखर आजाद के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
मुख्य अतिथि तहसीलदार लखेश्वर किरण ने विद्यार्थियों से वंदे मातरम के प्रति सम्मान और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण की भावना बनाए रखने का आह्वान किया। अध्यक्षीय उद्बोधन में राघवेंद्र चंदेल ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के महत्व पर विचार रखे।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य संतोष कुमार पाण्डेय सहित आचार्यगण, सेवा कर्मचारी, समिति सदस्य, पूर्व छात्र, अभिभावक और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ आचार्य श्रीमती सीमा राठौर ने किया।
अंत में प्राचार्य संतोष कुमार पाण्डेय ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया तथा वंदे मातरम के भावों को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाने की अपील की। कार्यक्रम का समापन परंपरागत रूप से “सर्वे भवन्तु सुखिनः” मंत्र के साथ किया गया।

मस्तूरी के सरस्वती शिशु मंदिर में सामूहिक वंदे मातरम का गायन, 150वीं जयंती वर्ष पर आयोजित हुआ कार्यक्रम">







