
371 ग्रामों एवं पारा-टोलों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की पहल
नारायणपुर,:— जिले के दूरस्थ वनांचल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में सोलर ड्यूल पंप ग्रामीणों के लिए नई सुविधा और राहत का माध्यम बन रहे हैं। जल जीवन मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों एवं पारा-टोलों में सौर ऊर्जा आधारित पंप स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल से उन ग्रामीण परिवारों को लाभ मिल रहा है, जिन्हें पहले पीने के पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों तक जाना पड़ता था या झिरिया के पानी पर निर्भर रहना पड़ता था।
नारायणपुर जिले की भौगोलिक परिस्थितियां, दुर्गम वनांचल, दूर-दूर बसे गांव और सीमित बुनियादी सुविधाएं पेयजल जैसी आवश्यक सेवा को प्रत्येक परिवार तक पहुंचाने में चुनौती प्रस्तुत करती रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर से भी जुड़ी हुई है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
371 ग्रामों एवं पारा-टोलों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य
जिले के 371 ग्रामों एवं पारा-टोलों में सोलर ड्यूल पंप स्थापित करने की पहल की गई है। इन क्षेत्रों में पहले कई ग्रामीण परिवार प्राकृतिक जलस्रोतों और झिरिया के पानी पर निर्भर रहते थे। जलस्रोतों तक पहुंचने में लगने वाला समय और दूषित पानी के उपयोग से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय थी।
इस स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से कुल 1,064 सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक 849 पंप स्थापित किए जा चुके हैं। इससे जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में पेयजल सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। शेष पंपों की स्थापना पूरी होने पर निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार अन्य चिन्हित क्षेत्रों में भी इस सुविधा का विस्तार किया जा सकेगा।
सौर ऊर्जा से संचालित पंप, बिजली पर निर्भरता में कमी
सोलर ड्यूल पंपों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि ये सौर ऊर्जा से संचालित होते हैं। इससे उन क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलती है, जहां बिजली की उपलब्धता सीमित है या नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना कठिन होता है। सौर ऊर्जा के उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संचालित करने का अवसर मिलता है।
जिले के नेलांगुर, पदमकोट, जाटलूर, उसेबेड़ा, हरबेल, कस्तुरमेंटा-2, धुरबेड़ा और गुमरका सहित विभिन्न गांवों में सोलर ड्यूल पंपों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इन गांवों में पंपों की स्थापना से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर पानी प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है। इससे पेयजल के लिए दूर जाने की आवश्यकता कम करने और दैनिक कार्यों में लगने वाले समय एवं श्रम की बचत में सहायता मिल रही है।
महिलाओं और परिवारों के लिए राहत
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था का सीधा संबंध परिवारों की दैनिक दिनचर्या से है। विशेषकर महिलाओं को घर के लिए पानी जुटाने में काफी समय और श्रम लगाना पड़ता है। दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भरता के कारण अन्य घरेलू कार्यों, बच्चों की देखभाल और आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए समय निकालना भी कठिन हो सकता है।
गांव के नजदीक पेयजल सुविधा उपलब्ध होने से इस परेशानी को कम करने में मदद मिलती है। सोलर ड्यूल पंप ग्रामीण परिवारों को पानी की उपलब्धता के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता से राहत देने की दिशा में उपयोगी साबित हो रहे हैं। इससे परिवारों की दिनचर्या अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायता मिल रही है।
स्वच्छ पेयजल से स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ावा
सुरक्षित पेयजल प्रत्येक व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकता है। दूषित जल के सेवन से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पेयजल की बेहतर उपलब्धता के साथ पानी की गुणवत्ता और जलस्रोतों के रखरखाव पर ध्यान देना भी आवश्यक है। सोलर ड्यूल पंपों के माध्यम से पेयजल सुविधाओं का विस्तार ग्रामीणों को सुरक्षित पानी तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को प्रोत्साहित करने का अवसर भी मिलता है। इसके लिए नियमित रखरखाव, जलस्रोतों की सुरक्षा और पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी आवश्यक है, ताकि ग्रामीणों को निरंतर स्वच्छ पानी मिल सके।
ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
नारायणपुर जिले में सोलर ड्यूल पंपों की स्थापना दूरस्थ गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और सौर ऊर्जा जैसी वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कुल 1,064 पंपों के निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 849 पंपों की स्थापना पूर्ण होना इस पहल के क्रियान्वयन में हुई प्रगति को दर्शाता है। आगामी चरणों में शेष पंपों की स्थापना और उपलब्ध व्यवस्थाओं के नियमित संचालन से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पेयजल सुविधा पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस प्रकार सोलर ड्यूल पंप नारायणपुर जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की पहुंच बढ़ाने, ग्रामीणों के समय और श्रम की बचत करने तथा जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाने में सहायक बन रहे हैं। यह पहल ग्रामीण विकास के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को नई गति प्रदान कर रही है।









