
गरियाबंद:- मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह एवं सहभोज, 4 राज्यों के 72 जिलों और 700 से अधिक गांवों तक पहुंचा सेवा का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से प्रारंभ होकर 7 अक्टूबर 2026 तक चली जल जन सेवा संकल्प यात्रा पूरी करने के बाद छत्तीसगढ़ लौटे सेवा तीर्थ यात्रियों का मुख्यमंत्री निवास में सम्मान समारोह एवं सहभोज आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित प्रदेश के प्रमुख जनप्रतिनिधियों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने यात्रियों के सेवाभाव, समर्पण और राष्ट्रहित के संकल्प की सराहना की।
वाराणसी की पावन धरती से गुजरात के वडनगर तक निकली यह 21 दिवसीय यात्रा धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना के साथ जनसेवा का संदेश लेकर आगे बढ़ी। यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा कार्य करते हुए यात्रियों ने 72 जिलों, 130 तहसीलों और 700 से अधिक गांवों तक पहुंचकर जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रसेवा का संदेश प्रसारित किया।
मुख्यमंत्री निवास में हुआ सेवा तीर्थ यात्रियों का सम्मान
छत्तीसगढ़ आगमन पर मुख्यमंत्री निवास में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, भाजपा संगठन महामंत्री कर्मवीर, प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडेय, भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा, जगदीश रामु रोहरा, धमतरी महापौर अमन प्रताप, युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष विशाल पाण्डेय एवं प्रदेश मंत्री सन्नी केसरी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सभी सेवा तीर्थ यात्रियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। सहभोज के माध्यम से यात्रा में शामिल युवाओं के बीच आपसी समन्वय, भाईचारे और संगठनात्मक एकजुटता की भावना को मजबूती मिली। कार्यक्रम में युवाओं की सामाजिक भूमिका, सेवा-संस्कार और राष्ट्र निर्माण में योगदान के महत्व को रेखांकित किया गया।
21 दिनों तक चार राज्यों में सेवा का संकल्प
वाराणसी से वडनगर तक की इस यात्रा ने भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का संदेश दिया। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर सेवा तीर्थ यात्रियों ने जनसेवा, पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यों में सहभागिता की।
यात्रा का उद्देश्य युवाओं को समाज के प्रति उनके दायित्वों से जोड़ना तथा जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनकल्याण के कार्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। विभिन्न राज्यों के गांवों और कस्बों से गुजरते हुए यात्रियों ने सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सेवा और समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।
छत्तीसगढ़ के यात्रा प्रभारी दीपक साहू की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस अभियान में छत्तीसगढ़ के यात्रा प्रभारी दीपक साहू की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर सहभागिता निभाई और सेवा कार्यों में योगदान दिया। यात्रा ने युवाओं को अनुशासन, सामूहिकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का काम किया।
छत्तीसगढ़ लौटने के बाद मुख्यमंत्री निवास में आयोजित सम्मान समारोह यात्रा में सहभागी युवाओं के लिए गौरवपूर्ण अवसर रहा। इस आयोजन ने समाज और राष्ट्र के हित में समर्पित भाव से कार्य करने वाले युवाओं का उत्साह बढ़ाया।
ये रहे जल जन सेवा संकल्प यात्रा के सेवा तीर्थ यात्री
यात्रा में छत्तीसगढ़ के यात्रा प्रभारी दीपक साहू सहित ओंकार साहू, रवि, रंजन यादव, दिनेश वैष्णव, टुकेश्वर, देवनारायण, वेदव्यास राम साहू, सुरेश, सुरेंद्र, उमेश, खिलावन, घनश्याम, तुषार, शिखर, नवीन कुमार, सृजन सिंह, प्रियांशु, सूर्यकांत, जितेंद्र यादव, अभिषेक राजपूत, करण पाटिल, राजेंद्र राजा, गजेंद्र ठाकुर, उमाशंकर बघेल, योगेश वर्मा, अभिषेक मिश्रा, सनातन यादव, रोहन साय, विवेक यादव, अमन कुमार, ज्ञानेंद्र कश्यप, राजाराम, रितेश, भावेश, सुधांशु, उज्ज्वल, महेंद्र, विराट मित्र, शुभंकर, सचिन सरकार, कुलदीप, गजानन, श्रीराम, देव मिश्रा एवं राकेश राजवाड़े सहित अन्य सेवा तीर्थ यात्री शामिल रहे।
जल जन सेवा संकल्प यात्रा ने 21 दिनों में चार राज्यों के 72 जिलों, 130 तहसीलों और 700 से अधिक गांवों तक पहुंचकर सेवा, संस्कार, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और राष्ट्रहित के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।

वाराणसी से वडनगर तक 21 दिवसीय जल जन सेवा संकल्प यात्रा पूरी कर छत्तीसगढ़ लौटे सेवा तीर्थ यात्री">





