
* मुंगेली के धरमपुरा दसरगपुर में बन रहे न्यू टोल प्लाजा में ठेकेदार की बड़ी लापरवाही उजागर, सड़क पर निकला मौत का लोहे का एंगल, प्रशासन मौन
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी लापरवाही की तस्वीर हम आपको दिखाने जा रहे हैं, जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे और सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि आखिर विकास के नाम पर जनता की जान से कैसे खिलवाड़ किया जा रहा है।
जी हां, खबर मुंगेली से पहले धरमपुरा और दसरगपुर गांव के पास की है, जहाँ एक नया टोल प्लाजा बनाया जा रहा है। ये टोल प्लाजा मुंगेली-बिलासपुर मार्ग पर बन रहा है और भविष्य में यहाँ से गुजरने वाले हजारों वाहनों से टोल वसूला जाएगा। लेकिन टोल प्लाजा के शुरू होने से पहले ही इसके निर्माण में ऐसी लापरवाही बरती गई है जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
दरअसल, इस निर्माणाधीन टोल प्लाजा की मुख्य सड़क पर ही लोहे का एक बड़ा और नुकीला एंगल जमीन से बाहर निकला हुआ है। ये कोई छोटा-मोटा सरिया नहीं, बल्कि भारी भरकम लोहे का एंगल है जो सड़क के लेवल से लगभग एक से डेढ़ फीट तक बाहर निकला हुआ है। अगर कोई तेज रफ्तार गाड़ी,
खासकर कार या बाइक इससे टकरा जाए तो टायर फटने से लेकर गाड़ी पलटने तक की नौबत आ सकती है। बाइक सवार के लिए तो ये सीधे यमराज के समान है।
हमारे संवाददाता ने जब मौके का जायजा लिया तो पाया कि वहाँ सुरक्षा के नाम पर सिर्फ एक-दो प्लास्टिक के कोन रखे हैं जो हवा में इधर-उधर पड़े हैं। कोई मजबूत लोहे का बैरिकेड नहीं, कोई रिफ्लेक्टर नहीं, रात में चमकने वाला कोई रेडियम बोर्ड नहीं और ना ही कोई चेतावनी का बोर्ड कि आगे खतरा है, धीरे चलें।
सबसे हैरानी की बात तो ये है कि ये एंगल पिछले कई दिनों से ऐसे ही पड़ा हुआ है। रोजाना इस सड़क से मुंगेली, लोरमी, बिलासपुर,कवर्धा रायपुर जाने वाले सैकड़ों ट्रक, बस, कार और बाइक गुजरती हैं। स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों ने बताया कि कई बार रात के समय गाड़ियां इस एंगल से टकराते-टकराते बची हैं। दो-तीन गाड़ियों के टायर भी फट चुके हैं और नीचे का चैंबर टूट चुका है, लेकिन गनीमत रही कि अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है।
अब सवाल कई खड़े होते हैं। पहला सवाल टोल निर्माण करा रही एजेंसी और ठेकेदार से कि क्या यही आपकी इंजीनियरिंग है? क्या करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट में इतनी सी सुरक्षा भी नहीं दी जा सकती? दूसरा सवाल NHAI और लोक निर्माण विभाग के उन इंजीनियरों और अधिकारियों से जो इस काम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं, क्या उन्होंने कभी मौके पर आकर काम देखा भी है? और तीसरा सवाल जिला प्रशासन से कि जब तक ये टोल प्लाजा पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक वाहनों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा?
आपको बता दें कि बरसात के मौसम में सड़क पर पानी भर जाने के बाद तो ये एंगल बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा और खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाएगा।
समय न्यूज़ लाइव की टीम मुंगेली जिला कलेक्टर, एसडीएम और संबंधित विभाग से पुरजोर मांग करती है कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लिया जाए। इस लोहे के एंगल को तुरंत गैस कटर से काटकर हटाया जाए, सड़क की लेवलिंग और मरम्मत की जाए और जब तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होता तब तक वहाँ पर्याप्त रोशनी, बैरिकेड और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि आम जनता सुरक्षित अपने घर पहुंच सके। क्योंकि टोल से पैसा बाद में लेना, पहले जनता की जान बचाना जरूरी है।

मुंगेली टोल प्लाजा में लापरवाही">






