
रतनपुर…रतनपुर नगर क्षेत्र में पिछले पांच-छह महीनों के दौरान बिजली करंट की चपेट में आने से चार लोगों की मौत का मामला सामने आने के बाद बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और विद्युत लाइनों के रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता राम आश्रय कश्यप ने इन घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए विभाग से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और नियमित पेट्रोलिंग की मांग की है।
कश्यप के अनुसार,बीते कुछ महीनों में भेड़ीमुड़ा क्षेत्र में दो,मेंडरापारा में एक और करहैयापारा में एक व्यक्ति की बिजली लाइन के संपर्क में आने से दर्दनाक मौत हुई है। हाल ही में 22 वर्षीय मिर्जा सलमान बेग की मौत ने एक बार फिर विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता का आरोप है कि कई स्थानों पर बिजली के तार जमीन से पर्याप्त ऊंचाई पर नहीं हैं,जबकि कुछ जगहों पर खंभों पर तार झूलते नजर आते हैं। इसके अलावा बिजली लाइनों के आसपास पेड़-पौधों और झाड़ियों की नियमित कटाई-छंटाई नहीं होने को भी उन्होंने हादसों की संभावित वजह बताया है।
क्या नियमित पेट्रोलिंग हो रही है?
राम आश्रय कश्यप का कहना है कि यदि बिजली लाइनों की समय-समय पर पेट्रोलिंग की जाती और तारों के आसपास मौजूद पेड़-पौधों व झाड़ियों की आवश्यकतानुसार कटाई-छंटाई की जाती, तो हादसों के खतरे को कम किया जा सकता था। उन्होंने विद्युत विभाग से ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर तत्काल सुधार कार्य कराने की मांग की है।
अब सवाल सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार हो रहे हादसों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि विद्युत लाइनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर विभाग की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। स्थानीय लोगों में भी इस बात को लेकर चिंता है कि यदि समय रहते आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो भविष्य में फिर कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
राम आश्रय कश्यप ने रतनपुर के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से मामले को गंभीरता से उठाने की अपील की है। साथ ही बिजली विभाग से विद्युत लाइनों की जांच, नियमित पेट्रोलिंग, पेड़ों की छंटाई और खतरनाक स्थानों पर आवश्यक सुधार कराने की मांग की है।
हालांकि, बिजली विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। विभाग की प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।








