अचानकमार टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत ग्राम लमनी में भालू हमले में घायल हुए 60 वर्षीय ग्रामीण जमुना यादव अब इलाज के साथ-साथ मुआवज़े की प्रक्रिया में भटक रहे हैं।
“जमुना ने कहाभालू ने मेरे दाएं हाथ में गहरी चोट कर दी थी। धीरे-धीरे घाव भर रहे हैं, लेकिन अब मैं वन विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहा हूँ। लमनी-छपरवा की टीम ने मुझे कागज़ी प्रक्रिया के लिए खोंगसरा भेज दिया है। यह प्रक्रिया इतनी कठिन है कि हम जैसे ग्रामीण परेशान हो जाते हैं। सरकार को चाहिए कि इस मुआवज़े की प्रक्रिया को आसान बनाए।”
🏥 स्वास्थ्य स्थिति
डॉक्टरों के अनुसार जमुना यादव का दायां हाथ अभी पूरी तरह ठीक होने में समय लेगा, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं।
🌲 वन विभाग की प्रतिक्रिया
वन विभाग की टीम ने कहा कि मुआवज़ा प्रकरण उनके नियमों के तहत कागज़ी औपचारिकताओं से गुजरकर ही स्वीकृत होता है। फिलहाल केस खोंगसरा रेंज में भेजा गया है, जहां से आगे की कार्रवाई होगी।
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ग्रामीणों ने सरकार और विभाग से मांग की है कि ऐसे वन्यजीव हमले पीड़ितों के मुआवज़े की प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया जाए, ताकि पीड़ितों को आर्थिक सहारा जल्द मिल सके।
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🖊️ रिपोर्ट:रवि राज रजक समय न्यूज़ लाइव









