Responsive Menu

Download App from

Download App

Follow us on

Donate Us

परीक्षा देकर लौटी 10वीं की छात्रा, हॉस्टल में बच्चे को दिया जन्म, कांग्रेस नेता बोले- इससे शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता

Author Image
Written by
Amit Anand

ओडिशा के मलकानगिरी में 10वीं कक्षा की छात्रा के मां बनने पर बवाल मचा हुआ है। छात्रा 10वीं की परीक्षा देकर हॉस्टल लौटी थी और समय से पहले बच्चे को जन्म दिया। इस मामले में पुलिस ने बुधवार को 22 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इसी युवक ने सरकारी आवासीय विद्यालय की 10वीं कक्षा की छात्रा से बलात्कार कर उसे गर्भवती किया। युवक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, सोमवार को 10वीं की बोर्ड परीक्षा से लौटने के बाद लड़की ने अपने छात्रावास में समय से पहले बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद मां और उसके नवजात शिशु दोनों को मलकानगिरी जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की का पड़ोसी युवक को यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (बलात्कार) और 65 (1) (16 साल से कम उम्र की लड़की से बलात्कार) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

आरोपी ने थाने आकर बताई हकीकत

अधिकारी ने बताया कि आरोपी पुलिस थाने आया और उसने लड़की के साथ संबंध बनाने की बात स्वीकार की। अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए ओडिशा सरकार ने प्रधानाध्यापक के साथ-साथ एक सहायक नर्स और दाई को निलंबित कर दिया है और छात्रावास की मेट्रन को भी हटा दिया है। यह स्कूल एसटी और एससी विकास, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा चलाया जाता है। लड़की के माता-पिता ने मंगलवार को स्कूल अधिकारियों से पूछा कि प्रसव पीड़ा शुरू होने तक गर्भावस्था को कैसे छिपाया गया।

कांग्रेस ने साधा निशाना

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, “आदिवासी समुदाय से आने वाली 10वीं की छात्रा छात्रावास में रहती है, वह परीक्षा देने जाती है और एक बच्चे को जन्म देती है। यह राज्य और प्रशासन के लिए शर्मनाक बात है। प्रशासन के लोग हर महीने जाते हैं, स्कूल में बच्चों से बात करते हैं। आदिवासी बच्चों के स्कूलों का दौरा करना उनकी जिम्मेदारी है। आदिवासी स्कूलों और समुदायों से जुड़े अधिकार राज्यपाल के पास हैं। इसलिए राज्यपाल को आदिवासी बच्चों के पालन-पोषण की समीक्षा करनी चाहिए। एक निगरानी व्यवस्था है। विधानसभा में एससी एसटी समिति है, जिसे स्कूलों का दौरा करना चाहिए। भाजपा सरकार में, जब एक आदिवासी समुदाय की महिला राष्ट्रपति है और एक आदिवासी हमारा सीएम है, तो हम आदिवासी बच्चों के प्रति ऐसी लापरवाही की कड़ी निंदा करते हैं।” (इनपुट- एएनआई/पीटीआई)

सहकारी समितियों के कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, 4 और 5 नवंबर को कार्यशाला का आयोजन
आज फोकस में

सहकारी समितियों के कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण, 4 और 5 नवंबर को कार्यशाला का आयोजन

बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे दो केंद्रों का लोकार्पण
आज फोकस में

बिलासपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, विधायक सुशांत शुक्ला करेंगे दो केंद्रों का लोकार्पण

राज्योत्सव में एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, राख से निर्मित उत्पादों एवं सामाजिक विकास की पहलों का प्रदर्शन
आज फोकस में

राज्योत्सव में एनटीपीसी सीपत की प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र, राख से निर्मित उत्पादों एवं सामाजिक विकास की पहलों का प्रदर्शन

गिरदावरी और पंजीयन की खामियों से परेशान किसान, सीपीआई ने सौंपा ज्ञापन
आज फोकस में

गिरदावरी और पंजीयन की खामियों से परेशान किसान, सीपीआई ने सौंपा ज्ञापन

मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण हेतु दिनांक 03.11.2026 BLO को प्रशिक्षण संपन्न
आज फोकस में

मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण हेतु दिनांक 03.11.2026 BLO को प्रशिक्षण संपन्न

NSUI ने आयोजित की नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं की भव्य प्रवेश पार्टी, बड़ी संख्या में पहुंचे विद्यार्थी
आज फोकस में

NSUI ने आयोजित की नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं की भव्य प्रवेश पार्टी, बड़ी संख्या में पहुंचे विद्यार्थी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एपल प्रमुख टिम कुक से आईफोन का निर्माण भारत में न करने को कहा है। क्या इसका असर देश के स्मार्टफोन उद्योग पर पड़ सकता है?

और भी पढ़ें

📝 संपादक की जानकारी

संपादक: फिरोज खान

पता: बिलासपुर, छत्तीसगढ़ - 495001

संपर्क नंबर: 📞 98271 37773 📞 97131 37773 📞 98279 60889

ईमेल: firojrn591@gmail.com


वेबसाइट में प्रकाशित खबरों से संपादक का सहमत होना आवश्यक नहीं है समाचार की विषयवस्तु संवाददाता के विवेक पर निर्भर यह एक हिंदी न्यूज़ वेबसाइट है, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश और दुनिया की खबरें प्रकाशित की जाती हैं। वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी समाचार से संबंधित कानूनी विवाद की स्थिति में केवल बिलासपुर न्यायालय की ही मान्यता होगी।

WhatsApp