
प्रभावित ग्रामों का विकास को लेकर,आठ ग्रामों के ग्रामीण अब 7 नवंबर को मोमबत्ती जलाकर करेंगे विरोध… असहयोग आंदोलन,
एनटीपीसी सीपत के सतर्कता जागरूकता सप्ताह कार्यक्रम में दिखी ग्रामीणों में आक्रोश
सीपत,,,,,,एनटीपीसी सीपत प्रबंधन के खिलाफ प्रभावित आठ गांवों के सरपंचों और प्रतिनिधियों ने रविवार को ग्राम जांजी के पंचायत भवन में बैठक कर एनटीपीसी प्रबंधन के खिलाफ बड़ा विरोध दर्ज कराने की घोषणा की। इसी को लेकर आज सीपत सरपंच प्रतिनिधी ने ग्रामीणों को साथ लेकर सीपत महाविद्यालय में आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान एनटीपीसी सीपत विजिलेंस अधिकारियों कुंदन राठौर चंद्रकांत प्ररमानिक एनटीपीसी सीपत प्रबंधन के रश्मि सिंह क्षत्री के सामने बैनर तख्ती लेकर सांकेतिक विरोध जताई l सीपत सरपंच प्रतिनिधी योगेश वंशकार ने कहा कि हम क्षेत्र के विकास को लेकर एनटीपीसी सीपत प्रबंधन की अढ़ैयल रवैया से काफी नाराज है l
प्रभावित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होने के बाद भी कोई अधिकारी हमारी बात सुनने को राजी नहीं है l इस बात का भी अफसोस है कि कंपनी के आने के 25 वर्ष बाद भी विकास के नाम पर हमें कुछ नहीं मिला। पूर्व के बैठक में कहा गया कि किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए न चारागाह है, न गौठान। आज भी बेरोजगार युवाओं के लिए कोई रोजगार के भटक रहे है l जर्जर सड़कों और अंधेरे में डूबे मार्गों पर लोगों की सुरक्षा खतरे में है। सीपत सरपंच ने बताया कि 7 नवंबर 2025 को एनटीपीसी का स्थापना दिवस है। उसी दिन शाम 7 बजे से 7 बजकर 15 मिनट तक सीपत, जांजी, कौड़ियां, गतौरा, राख, कर्रा, देवरी और रलियां इन आठों प्रभावित गांवों में बिजली बंद रखी जाएगी और मोमबत्ती जलाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज किया जाएगा।

अब प्रभावित गांवों के विकास के लिए एक होकर एनटीपीसी के खिलाफ असहयोग आंदोलन करेंगे।सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने वालो में सीपत सरपंच प्रतिनिधी योगेश वंशकार,संदीप खरे,प्रेम खरे, वीरेन्द्र सूर्या, गौतम खरे,सतीश खरे, छोटू खरे, मोंटू खरे, नील खरे, सोनू कौशिक, मिथिलेश श्रीवास, हिमांशु डोंगरे, अनिश दवे आदि शामिल थे l
प्रभावित आठ ग्रामों के सरपंचों ने रखी है ये प्रमुख मांगे:-
. नवंबर तक सभी स्वीकृत विकास कार्यों के टेंडर जारी किए जाएं।
2. बेरोजगारों के दस्तावेज जो जनप्रतिनिधियों द्वारा एनटीपीसी को सौंपा गया गया हैं। 15 दिन के भीतर भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जाए।
3. दलदल प्रभावित किसानों को प्रतिवर्ष जनवरी तक मुआवजा राशि दी जाए।
4. एनटीपीसी द्वारा प्रभावित ग्राम जांजी में बिना पंचायत की अनुमति के बनाए जा रहे लेबर रूम का निर्माण रोका जाए।
5. उड़ते राखड़ से लोगों की परेशानियों का 15 दिनों में स्थायी समाधान किया जाए।
6. भूस्थापितों की 288 लंबित भर्तियों पर तत्काल निर्णय लिया जाए।









