
भाटापारा: – भाटापारा क्षेत्र का शैक्षणिक परिदृश्य अब चिंता का सबब बनता जा रहा है। हाल ही में नगर के रावण भाटा स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में एक विद्यार्थी द्वारा अपने साथी छात्र पर चाकू से हमला किए जाने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल एक सामान्य घटना नहीं है, बल्कि क्षेत्र के शिक्षा वातावरण में बिगड़ती अनुशासनहीनता और हिंसक प्रवृत्तियों का परिणाम है। स्कूल परिसर में नशे की आशंका और अनुशासनहीनता जैसी समस्याएं विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों के लिए चिंता का कारण बन रही हैं।पीड़ित परिवार आज भी प्रशासन की मदद की आस में दर-दर भटक रहा है। आर्थिक और मानसिक सहायता न मिलने के कारण घायल छात्र का इलाज तक सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। इस पर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पढ़ाई के साथ-साथ चरित्र निर्माण और सामाजिक संवेदनशीलता पर ध्यान न देने के कारण नौनिहालों में हिंसक प्रवृत्तियों का विकास हो रहा है। 90 के दशक तक खेलकूद, स्काउट गाइड, एनसीसी जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में सेवा, सहयोग और देशभक्ति की भावना पैदा करती थीं। आज ये प्रकल्प केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित होने लगी है, जबकि विद्यार्थियों की मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक उन्नति पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है । पुराने सेवा और संवेदनशीलता आधारित प्रकल्पों को पुनः जीवंत किया जाए और प्रशासन सक्रिय भूमिका निभाए, ताकि छात्र सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में पढ़ाई कर सकें।
भाटापारा का शैक्षणिक परिदृश्य अब सुधार की मांग करता है। यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि भविष्य के नागरिकों के चरित्र और समाज की सुरक्षा पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

“जहां बनना था भविष्य, वहां पनप रहा अपराध”">







