बिलासपुर से धनंजय तिवारी की रिपोर्ट
बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पराघाट से एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत कार्यालय की ओर से पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को एक लिखित पत्र भेजकर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की गई है।
दरअसल, जयरामनगर फाटक 15 फरवरी से 20 मार्च तक बंद किए जाने के कारण पराघाट गांव के अंदर से भारी वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ गया है। यह मार्ग फैक्ट्रियों और कोलवासरी तक जाने का प्रमुख रास्ता बन गया है, जिसके चलते दिनभर ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही बनी हुई है।

ग्राम पंचायत का कहना है कि यह सड़क घनी आबादी वाले क्षेत्र से होकर गुजरती है, जहां शासकीय और अशासकीय स्कूल स्थित हैं। रोजाना लगभग 500 से 700 बच्चों का इस मार्ग से आना-जाना होता है। सड़क की चौड़ाई भी काफी कम है और शासन द्वारा निर्धारित 12 टन भार क्षमता के बावजूद ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से गुजर रहे हैं।
इस स्थिति से किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों में तनाव और भय का माहौल बना हुआ है। पंचायत ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि तत्काल भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया जाए, नियमित पेट्रोलिंग की व्यवस्था की जाए तथा मोटरयान अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पैसे वसूलकर वाहनों को बस्ती के अंदर से जबरन निकाला जा रहा है, जिस पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कितनी तेजी से कदम उठाता है और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।








