
पर्यावरण बचाने की अनोखी पहल : शिक्षक, माताएं और बच्चे मिलकर तैयार कर रहे 5 लाख सीड बॉल
रतनपुर….आज जहां पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और कंक्रीट के बढ़ते जंगलों से चिंतित है, वहीं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से पर्यावरण संरक्षण की एक प्रेरणादायक और अनोखी पहल सामने आई है। शासकीय प्राथमिक शाला जमुनाही तिलकडीह के शिक्षक, पालक और बच्चों ने इस ग्रीष्म अवकाश में 5 लाख ‘सीड बॉल’ तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिसकी शुरुआत भी हो चुकी है।

राज्यपाल शिक्षक सम्मान से सम्मानित एवं अपने नवाचारी कार्यों के लिए चर्चित शिक्षक बलदाऊ सिंह श्याम की पहल पर गांव की जागरूक माताएँ और मेहनती बच्चे मिलकर ‘सीड बॉल’ तैयार कर रहे हैं। अभी तक 5 हजार से अधिक सीड बॉल बनाए जा चुके हैं।
हर वर्ष ग्रीष्म अवकाश में कुछ नया और रचनात्मक कार्य करने वाले शिक्षक बलदाऊ सिंह श्याम ने इस बार 5 लाख सीड बॉल तैयार करने का संकल्प लिया है।इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
गांव की जागरूक माताएँ और विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे इस अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सीड बॉल निर्माण के लिए माताएँ अपने घरों से गाय का गोबर लेकर आती हैं, जबकि बीजों की व्यवस्था शिक्षक बलदाऊ सिंह श्याम द्वारा की जा रही है।
इन सीड बॉल में मुख्य रूप से क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल स्थानीय एवं फलदार प्रजातियों जैसे सीताफल, जामुन, इमली,आम,आंवला, चार,बेर, तेंदू,पपीता, बेल और अमरूद के बीज शामिल किए जा रहे हैं।
सीड बॉल निर्माण का कार्य गांव की जागरूक एवं जिला स्तर पर सम्मानित “स्मार्ट माता” विद्यावती नेताम के घर पर सामूहिक रूप से किया जा रहा है। भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सुबह 8 बजे एकत्रित होते हैं।
शिक्षक बलदाऊ सिंह श्याम के मार्गदर्शन में बच्चों और माताओं के अलग-अलग समूह बनाए जाते हैं। सभी अपने घरों से लाए गए गोबर में मिट्टी और धान की भूसी को अच्छी तरह मिलाकर मिश्रण तैयार करते हैं और फिर समूहों में बांट दिया जाता है।
प्रत्येक समूह को निर्धारित समय में 100 से अधिक सीड बॉल बनाने का लक्ष्य दिया जाता है। सबसे अधिक सीड बॉल तैयार करने वाले समूह को शिक्षक द्वारा प्रोत्साहित एवं सम्मानित भी किया जाता है।अभी तक 5 हजार से अधिक सीड बॉल तैयार किए जा चुके हैं
और बरसात आने से पहले अधिक से अधिक सीड बॉल तैयार करने का प्रयास लगातार जारी है। आदिवासी बाहुल्य ग्रामीण अंचल में शिक्षक, पालक और बच्चों के सहयोग से चल रहे इस पर्यावरणीय अभियान की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है तथा लोग इस अनुकरणीय कार्य की खूब सराहना कर रहे हैं।

गर्मी की छुट्टियों में बच्चों का बड़ा मिशन जमुनाही तिलकडीह स्कूल बनाएगा 5 लाख ‘सीड बॉल’">






