
सीपत :– जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सीपत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत विभिन्न विकास कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। गांव में चार स्थानों पर इंजेक्शन वेल-पर्कुलेशन डबरी निर्माण, नया तरिया निर्माण, पचरी निर्माण तथा तालाब गहरीकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्य चल रहे हैं, जिनसे एक ओर जहां जल संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सैकड़ों ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है। रविवार 7 जून को रोजगार दिवस के अवसर पर मनरेगा कार्यस्थलों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान श्रमिकों, जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत अमले ने प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरित होकर बेल का पौधा रोपित किया तथा पर्यावरण संरक्षण और वृक्ष संवर्धन का संकल्प लिया।
वर्तमान में पंचायत क्षेत्र में संचालित सभी कार्यों में लगभग 500 मनरेगा श्रमिक कार्यरत हैं। इंजेक्शन वेल एवं पर्कुलेशन डबरी निर्माण का उद्देश्य वर्षा जल को भूमि के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर में वृद्धि करना है, जबकि नया तरिया निर्माण से सिंचाई और जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी। तालाब गहरीकरण से जल भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी तथा पचरी निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इन सभी कार्यों से जल संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेने मस्तूरी जनपद पंचायत के एसडीओ अमित बंजारे ने कार्यस्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रमिकों, मेट और पंचायत अमले से चर्चा कर कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने की बात कही। मस्तूरी जनपद पंचायत एसडीओ अमित बंजारे ने कहा कि मनरेगा केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ऐसे स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है जो आने वाले वर्षों में ग्रामीणों के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी। इंजेक्शन वेल, पर्कुलेशन डबरी और तालाब गहरीकरण जैसे कार्य जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन कार्यों से भूजल स्तर में सुधार होगा और किसानों को भी लाभ मिलेगा। सभी निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। सरपंच श्रीमती मनीषा योगेश वंशकार ने कहा कि पंचायत का प्रयास है कि मनरेगा के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीणों को रोजगार मिले और गांव में विकास कार्यों की गति भी बनी रहे।
जल संरक्षण से जुड़े कार्य भविष्य में गांव के लिए अमूल्य साबित होंगे। रोजगार दिवस पर पौधारोपण कर श्रमिकों ने पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया है, जो सराहनीय पहल है। पंचायत सचिव हेमंत पटेल ने बताया कि पंचायत क्षेत्र में चल रहे सभी कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। शासन की मंशा के अनुरूप जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देते हुए कार्य कराए जा रहे हैं। तालाब, डबरी और तरिया निर्माण जैसे कार्यों से जल संकट की समस्या कम होगी तथा ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा। रोजगार सहायक संजय गढ़ेवाल ने कहा कि पंचायत में बड़ी संख्या में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। लगभग 500 श्रमिक विभिन्न निर्माण कार्यों में लगे हुए हैं। श्रमिकों की सुविधा, उपस्थिति और कार्य की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों की आजीविका मजबूत होने के साथ-साथ गांव में उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है। रोजगार दिवस के अवसर पर आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में पंच, सरपंच, जनप्रतिनिधि, सचिव, रोजगार सहायक, मेट तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रमिक उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और गांव के समग्र विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।

सीपत में इंजेक्शन वेल-पर्कुलेशन डबरी, नया तरिया, तालाब गहरीकरण और पचरी निर्माण कार्यों का एसडीओ ने किया निरीक्षण)">








