
रतनपुर में जल आवर्धन योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार के लिए सड़कों की खुदाई से नगरवासियों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश के चलते जगह-जगह खोदे गए गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। सबसे गंभीर स्थिति वार्ड क्रमांक 8 में बताई जा रही है, जहां आपात स्थिति में एंबुलेंस के पहुंचने में भी परेशानी की आशंका जताई गई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने का काम बेतरतीब तरीके से किया जा रहा है और कई स्थानों पर सड़क खोदने के बाद उसे व्यवस्थित नहीं किया गया। उनका कहना है कि ठेकेदार एजेंसी से कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
वार्ड पार्षद एवं नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष पुष्पकांत कश्यप ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और उसके अधिकारी-कर्मचारी जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर पूर्व में सीएम हेल्पलाइन, संबंधित विभाग और कलेक्टर से भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उन्हीं गड्ढों में आमरण अनशन करने का कदम उठाया जाएगा।
पार्षद सुनील अग्रवाल संटी ने कहा कि ठेकेदार को पहले भी सुझाव दिया गया था कि एक वार्ड का काम पूरा करने के बाद दूसरे वार्ड में कार्य शुरू किया जाए, ताकि नागरिकों को लंबे समय तक परेशानी न हो। इसके बावजूद अलग-अलग वार्डों में एक साथ खुदाई किए जाने का आरोप लगाया गया है।विधायक प्रतिनिधि रियाज अहमद खोखर ने कहा कि जल आवर्धन योजना नगर के लिए महत्वपूर्ण और अच्छी योजना है, लेकिन निर्माण कार्य में लापरवाही के कारण जनता परेशान है। उन्होंने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।जनप्रतिनिधियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद ठेकेदार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।मामले की शिकायत लेकर जनप्रतिनिधि तहसीलदार के पास पहुंचे। तहसीलदार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को तत्काल कार्य को व्यवस्थित कराने और कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन के निर्देश के बाद जल आवर्धन योजना के काम में सुधार होता है या नहीं और नगरवासियों को सड़कों की बदहाली से कब तक राहत मिलती है।








