
बिलासपुर:— जिले के दूरदराज और एकल शिक्षकीय स्कूलों में अब शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पात्र युवाओं की सेवाएं लेकर गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों की पढ़ाई कराई जाए।
इन युवाओं को डीएमएफ मद से पीरियडवार मानदेय दिया जाएगा। वहीं स्वीकृत पदों के विरुद्ध पद रिक्त होने पर संकुल स्तर पर भर्ती की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। कलेक्टर ने पूरी व्यवस्था को आगामी एक महीने में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर
बैठक में जिले में चल रहे विकास और निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ स्थल चयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जिले में वर्तमान में 230 आंगनबाड़ी भवन, 125 पीडीएस दुकान और 325 स्कूल टॉयलेट स्वीकृत हैं। अधिकारियों को इन कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
750 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा
जिले के लगभग 750 स्कूलों में स्मार्ट टीवी के माध्यम से पढ़ाई कराई जा रही है। कलेक्टर ने स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की भी समीक्षा की और शिक्षण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
जलमित्र बनेंगे स्थानीय तैराक
बाढ़ और आपदा की स्थिति में त्वरित राहत के लिए नदी-नालों और बड़े बांधों के आसपास के गांवों के कुशल तैराकों को ‘जलमित्र’ बनाया जाएगा। इन्हें विशेष प्रशिक्षण के साथ आवश्यक बचाव उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा ई-ऑफिस में शून्य उपलब्धि वाले करीब दो दर्जन कार्यालय प्रमुखों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं डीसीएस सर्वे की प्रगति की समीक्षा में अब तक करीब 39 प्रतिशत सर्वे पूरा होने की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने लंबित जनशिकायतों का भी प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

दूरदराज स्कूलों में नहीं थमेगी पढ़ाई, स्थानीय युवा पढ़ाएंगे गणित-विज्ञान">







