
रक्षाबंधन की रात बिगड़ी फिजा को पुलिस-प्रशासन ने 12 घंटे में संभाला,
शांति मार्च से दिया भाईचारे का संदेश
बिलासपुर:– रक्षाबंधन की रात जब शहर पर्व की खुशियों में डूबा था, उसी दौरान सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के खपरगंज इलाके में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने अचानक गंभीर रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक विवाद की शुरुआत दो युवकों के बीच पुरानी रंजिश और कहासुनी से हुई, मौके पर मौजूद कुछ लोगों द्वारा इसे सामुदायिक रंग देने की कोशिश के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की सूचना मिलते ही बिलासपुर पुलिस और प्रशासन ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाल लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस के छह जवान घायल हुए, लेकिन बल ने संयम और सूझबूझ के साथ हालात को काबू में किया।
रातभर सड़कों पर डटे रहे अफसर, सुबह तक शुरू हो गई धरपकड़
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, शहर एएसपी पंकज कुमार पटेल और एडिशनल एसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी।
वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले ने भी शहर की स्थिति पर नजर बनाए रखी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान शुरू की।
इसके बाद आरोपियों की धरपकड़ का सिलसिला शुरू हुआ। पुलिस कार्रवाई में 20 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
अफवाहों पर भी पुलिस की नजर
घटना के बाद सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों को लेकर भी पुलिस सतर्क रही। पुलिस-प्रशासन ने लोगों से अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और माहौल खराब करने वाली पोस्ट या संदेशों को आगे प्रसारित न करें।
पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। चाहे विवाद किसी भी वजह से शुरू हुआ हो, हिंसा, पथराव और सार्वजनिक शांति भंग करने वालों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे” — पुलिस का सख्त संदेश
खपरगंज की घटना के बाद बिलासपुर पुलिस ने उपद्रवियों को दो टूक संदेश दिया है—शहर की शांति से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस का संदेश साफ है—
“कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे, कानून तोड़ोगे तो सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा।”
पुलिस का कहना है कि अपराधी की पहचान उसके धर्म या समुदाय से नहीं, बल्कि उसके कृत्य से होगी। शहर की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
शांति मार्च ने दिया एकता का संदेश, साथ दिखे सभी समाज
खपरगंज घटना के बाद शहर में आपसी भाईचारा और शांति कायम रखने के उद्देश्य से प्रशासन एवं पुलिस के नेतृत्व में शांति पैदल मार्च निकाला गया। इसमें विभिन्न समाजों और समुदायों के लोगों ने भाग लेकर बिलासपुर की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
मार्च का उद्देश्य स्पष्ट था—अफवाहों से दूर रहना, आपसी सौहार्द बनाए रखना और किसी भी विवाद को सामुदायिक रंग देने से रोकना।
शहरवासियों ने भी पुलिस और प्रशासन की इस पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि तनावपूर्ण परिस्थिति में यदि पुलिस और प्रशासन समय रहते सक्रिय नहीं होते तो विवाद और गंभीर रूप ले सकता था।
12 घंटे में बदली तस्वीर, शहर ने फिर पकड़ी रफ्तार
खपरगंज में तनाव के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई का असर यह रहा कि कुछ ही घंटों में स्थिति नियंत्रण में आने लगी। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई और लगातार गश्त की गई।
पुलिस की सक्रियता के साथ ही प्रशासन ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। परिणामस्वरूप शहर में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल हुई और त्योहार के माहौल को बिगड़ने से बचा लिया गया।
बॉक्स | पुलिस की कार्रवाई
20 से अधिक आरोपी जेल भेजे गए
पुलिस के 6 जवान घायल
फरार आरोपियों की तलाश जारी
संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात
सोशल मीडिया पर अफवाहों पर निगरानी
शांति एवं भाईचारे के लिए पैदल मार्च
बड़ा संदेश
“विवाद निजी हो सकता है, लेकिन उसे धर्म या समुदाय का रंग देना पूरे शहर की शांति के लिए खतरा है। बिलासपुर ने हिंसा के बजाय भाईचारे को चुना।”
पुलिस-प्रशासन की तत्परता और आम नागरिकों के संयम ने स्थिति को बड़ा रूप लेने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खपरगंज हिंसा पर पुलिस का प्रहार: 20 से ज्यादा आरोपी जेल में, उपद्रवियों पर कसा शिकंजा">







