
गरियाबंद:- ग्राम जेजरा के हाईस्कूल में आयोजित ब्लॉक स्तरीय सेवा सेतु अभियान के विशेष शिविर में बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर पहुंचे। शिविर का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना था, लेकिन यहां बुनियादी व्यवस्थाओं की कमी और अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए।
बताया गया कि शिविर में आधे से अधिक अधिकारी उपस्थित नहीं पहुंचे। इस पर राजिम विधायक रोहित साहू ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने जिला सीईओ से अधिकारियों की उपस्थिति रजिस्टर मंगाकर जांच करने और अनुपस्थित अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। विधायक ने कहा कि जनहित से जुड़े शिविरों में अधिकारियों की मौजूदगी जरूरी है, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जा सके।
शिविर में पहुंचे लोगों को गर्मी से राहत देने के लिए पंखे और कूलर की व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि कुछ लोग विभागों के बैनर-पोस्टर से हवा करते नजर आए। दूर-दराज के गांवों से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों को उम्मीद थी कि शिविर में उनकी शिकायतों का समाधान होगा, लेकिन गर्मी के बीच पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ी।
प्रत्येक पंचायत से 2500 रुपये लेने की बात आई सामने
शिविर की व्यवस्थाओं को लेकर उस समय सवाल और गहरा गए, जब सरपंचों ने बताया कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए प्रत्येक पंचायत से 2500 रुपये लिए गए हैं। ऐसे में शिविर में पंखे और कूलर जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव चर्चा का विषय बना रहा। पंचायतों से राशि लिए जाने के बावजूद व्यवस्थाएं पर्याप्त क्यों नहीं रहीं, यह सवाल उठ रहा है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस ब्लॉक स्तरीय विशेष शिविर में राजिम विधायक रोहित साहू, जिला भाजपा अध्यक्ष अनिल चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष इंद्राणी साहू, सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष हरीश साहू, स्काउट-गाइड जिला अध्यक्ष ओंकार साहू, जिला सीईओ प्रखर चंद्राकर, एसडीएम विशाल महाराणा, प्रभारी सीईओ ज्योति बाला, तहसीलदार डिंपल धुर्वे सहित जनपद के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
सवाल व्यवस्था पर, जवाब का इंतजार
सेवा सेतु अभियान जैसे जनहितकारी कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। ऐसे में शिविर में आधे से अधिक अधिकारियों की अनुपस्थिति और बुनियादी सुविधाओं का अभाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार अधिकारी उपस्थिति रजिस्टर की जांच के बाद क्या कार्रवाई करते हैं और भविष्य में ऐसे शिविरों में लोगों की सुविधा के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

सेवा सेतु शिविर में आधे से अधिक अधिकारी नदारद, विधायक रोहित साहू ने जताई नाराजगी">






