
बिलासपुर:—ग्राम पंचायत कोनी (मस्तूरी )और आसपास के क्षेत्र में कथित रूप से नियमों का पालन किए बिना ईंट भट्ठों के संचालन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ ईंट भट्ठे नदी किनारे, आबादी वाले क्षेत्रों और सड़क के आसपास संचालित किए जा रहे हैं। वहीं कुछ स्थानों पर शासकीय भूमि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई भट्ठों के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और संबंधित विभागों की एनओसी नहीं होने की बात सामने आई है। भट्ठों से निकलने वाले धुएं और अन्य गतिविधियों से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि पूर्व में राजस्व विभाग की ओर से क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए कुछ ईंट भट्ठों को सील किया गया था। इसके बावजूद आरोप है कि कुछ भट्ठे दोबारा संचालित किए जा रहे हैं और वहां से ईंटों की बिक्री भी की जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सील किए गए भट्ठों को दोबारा किसकी अनुमति से संचालित किया जा रहा है।
मामले में ग्राम पंचायत की भूमिका को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि सरपंच अथवा पंचायत के किसी पदाधिकारी की मिलीभगत की पुष्टि नहीं हुई है। सरपंच का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं उपसरपंच ने ईंटों की बिक्री और भट्ठों के संचालन को लेकर जानकारी नहीं होने की बात कही।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने, भट्ठों के दस्तावेज और अनुमति की जांच करने, शासकीय भूमि के उपयोग की स्थिति स्पष्ट करने तथा पर्यावरणीय मानकों के पालन की जांच कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद राजस्व और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।








