
गुरुद्वान परिवार में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सुनने भक्तों की लगी भीड़
सीपत :– चंगोरी में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा के चौथे दिवस भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथावाचक संतोषी नंदन महाराज
राजा परीक्षित को सुखदेव जी द्वारा सुनाई गई गजेंद्र मोक्ष की कथा का वर्णन करते हुए भक्ति और भगवान की शरणागति का महत्व बताया। महाराज ने कहा कि गजेंद्र मोक्ष का पाठ श्रद्धा के साथ करने से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति मिलती है।
भगवान की भक्ति और स्मरण से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा संकटों से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने ऋण से परेशान लोगों के लिए भी गजेंद्र मोक्ष के पाठ को लाभकारी बताया। कथा के दौरान समुद्र मंथन का प्रसंग भी सुनाया गया।
इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आते ही कथा स्थल भक्तिमय हो उठा। श्रीकृष्ण जन्म की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
जन्मोत्सव के दौरान श्रद्धालु भजनों की धुन पर जमकर झूमे और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। आयोजन में पं. उमाशंकर गुरुद्वान, श्रीमती उषाकिरण पाण्डेय, राजेश गुरुद्वान, श्रीमती अनिता गुरुद्वान, धनेश गुरुद्वान, श्रीमती हेमलता गुरुद्वान, रमेश गुरुद्वान, श्रीमती मिथलेश गुरुद्वान, नरेश गुरुद्वान, श्रीमती निशा गुरुद्वान, ब्रतेश गुरुद्वान, श्रीमती कल्पना गुरुद्वान सहित समस्त गुरुद्वान परिवार चंगोरी अकलतरा का विशेष सहयोग है।

भगवान की भक्ति मोक्ष का द्वार,,, संतोषी नंदन">








