
आश्रम परिसर में वन्यजीव की मौजूदगी से मचा हड़कंप, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील; बच्चों और मवेशियों को अकेला नहीं छोड़ने की सलाह
बेलगहना:—श्री सिद्ध बाबा आश्रम, बेलगहना में उस समय हड़कंप मच गया, जब आश्रम परिसर में बाघ के प्रवेश की सूचना सामने आई। बताया जा रहा है कि बाघ ने आश्रम परिसर में मौजूद गौमाता पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। घायल गौमाता का उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद आश्रम परिसर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल है।
आश्रम की ओर से जारी आवश्यक सूचना में श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। सूचना के अनुसार बाघ के आश्रम परिसर में प्रवेश करने के बाद उसने पशु पर हमला किया। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बाघ फिलहाल किस स्थान पर छिपा है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे आसपास रहने वाले लोगों के बीच भय का माहौल बना हुआ है।
जंगल और आश्रम क्षेत्र में जाने से बचने की अपील
आश्रम प्रबंधन ने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों से करबद्ध निवेदन करते हुए कहा है कि वे फिलहाल अत्यधिक सावधानी बरतें। विशेष रूप से शाम के बाद आश्रम परिसर और जंगल की ओर जाने से बचें। ग्रामीणों को अपने बच्चों तथा पालतू एवं मवेशियों को अकेला नहीं छोड़ने की सलाह दी गई है।
वन क्षेत्र से लगे गांवों में पहले से ही वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर चिंता बनी रहती है। ऐसे में बाघ के आश्रम परिसर तक पहुंचने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
पशुओं को खुला छोड़ना पड़ सकता है भारी
ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अपने मवेशियों को खुले में अकेला न छोड़ें। बाघ द्वारा गौमाता पर हमला किए जाने की घटना के बाद यह आशंका बढ़ गई है कि आसपास के क्षेत्र में विचरण कर रहे अन्य पशु भी उसके निशाने पर आ सकते हैं। ग्रामीणों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने और समूह में ही आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
वन विभाग से तत्काल निगरानी और रेस्क्यू की मांग
घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल वन विभाग की सक्रियता को लेकर है। बाघ आखिर आश्रम परिसर में किस रास्ते से पहुंचा और वर्तमान में वह कहां छिपा हुआ है, इसकी जानकारी जुटाना बेहद जरूरी है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की टीम द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की निगरानी, बाघ की लोकेशन ट्रेस करने और आवश्यक रेस्क्यू कार्रवाई करने की जरूरत है।
आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यदि बाघ की मौजूदगी की पुष्टि होती है तो सुरक्षा के लिहाज से तत्काल आवश्यक कदम उठाना जरूरी होगा, ताकि किसी इंसान की जान को खतरा न हो।
श्रद्धालुओं से अपील—सावधानी ही सुरक्षा
श्री सिद्ध बाबा आश्रम की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं ग्रामवासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही भी न बरतें। बच्चों को अकेले बाहर न भेजें, पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें तथा शाम के बाद जंगल और आश्रम के आसपास जाने से बचें।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में चिंता है और सभी की नजर वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

सिद्ध बाबा आश्रम में बाघ की दस्तक, गौमाता पर हमला">







