
श्वास रोगियों को बांटी गई औषधि, देर रात 2 बजे तक चलता रहा भंडारा
जाम में फंसे श्रद्धालुओं को देखकर भड़के विधायक अटल श्रीवास्तव, खुद सड़क पर उतरकर संभाली यातायात व्यवस्था
भारी भीड़ के बीच सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर उठे सवाल
बेलगहना:– शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर बेलगहना स्थित सिद्ध बाबा आश्रम में आस्था, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सिद्ध बाबा के दर्शन और शरद उत्सव में शामिल होने के लिए करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। सुबह से ही आश्रम परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी थी।
दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया। श्रद्धालुओं ने सिद्ध बाबा के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस उत्सव में धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य सेवा और जनसेवा की परंपरा भी देखने को मिली। श्वास रोगियों को औषधि वितरित की गई।
इसके लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग आश्रम पहुंचे। श्रद्धालुओं में औषधि प्राप्त करने और सिद्ध बाबा के दर्शन करने को लेकर विशेष उत्साह देखा गया।
आस्था के साथ सेवा का भी दिखा अनूठा संगम
शरद उत्सव के दौरान आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया।
अग्रवाल बंधुओं और नगर के युवाओं ने सेवा भाव से श्रद्धालुओं को भोजन-प्रसाद वितरित किया। सुबह से शुरू हुई श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच सेवाभावी लोग लगातार व्यवस्था में जुटे रहे।
शाम करीब 7 बजे शुरू हुआ भंडारा रात लगभग 2 बजे तक अनवरत चलता रहा। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
किसी ने भोजन परोसकर सेवा की तो किसी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता और सेवाभाव का भी संदेश दिया।
सिद्ध बाबा के दरबार में पहुंचे विधायक अटल श्रीवास्तव
शरद उत्सव में शामिल होने और सिद्ध बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव भी आश्रम परिसर पहुंचे।
उन्होंने सिद्ध बाबा के दरबार में माथा टेका और स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी आश्रम पहुंचकर दर्शन किए।
विधायक के आश्रम पहुंचने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। शरद पूर्णिमा के अवसर पर उमड़ी भीड़ ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया। हालांकि, श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बीच यातायात व्यवस्था की चुनौती भी सामने आई।
जाम में फंसे श्रद्धालुओं को देखकर नाराज हुए विधायक
शरद उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति सामने आई।
सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगने और श्रद्धालुओं के जाम में फंसने से परेशानी बढ़ गई। इसी दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव यातायात व्यवस्था को लेकर नाराज हो गए।
श्रद्धालुओं को जाम में फंसा देखकर विधायक स्वयं सड़क पर उतर आए और यातायात व्यवस्था संभालने में जुट गए। उनके सड़क पर उतरकर व्यवस्था संभालने की घटना ने आयोजन के दौरान यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े कर दिए।
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच क्या पर्याप्त यातायात योजना बनाई गई थी? क्या प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती थी? और क्या श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए पहले से कोई विशेष व्यवस्था की गई थी? ये सवाल आयोजन के बाद चर्चा का विषय बने रहे।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत
शरद पूर्णिमा पर सिद्ध बाबा आश्रम में उमड़ी भीड़ ने बेलगहना की धार्मिक पहचान और सिद्ध बाबा के प्रति लोगों की अटूट आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन किए
, औषधि प्राप्त की और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। एक ओर जहां आयोजन में श्रद्धा और सेवा का अद्भुत दृश्य दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर भारी भीड़ के बीच यातायात व्यवस्था की चुनौतियां भी उजागर हुईं।
ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम आवागमन, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था का बेहतर समन्वय बेहद जरूरी है।
श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए भविष्य में प्रशासन और आयोजन समिति को यातायात प्रबंधन की ठोस योजना बनाने की आवश्यकता है, ताकि आस्था के इस पर्व में लोगों को दर्शन के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े।
शरद उत्सव ने एक बार फिर सिद्ध बाबा आश्रम के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को प्रदर्शित किया। हजारों लोगों की उपस्थिति, श्वास रोगियों को औषधि वितरण और देर रात तक चले भंडारे ने आयोजन को यादगार बनाया।
वहीं, जाम में फंसे श्रद्धालुओं की परेशानी और विधायक का स्वयं सड़क पर उतरना यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा का प्रमुख विषय रहा।

शरद उत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, सिद्ध बाबा के दर्शन को पहुंचे 50 हजार श्रद्धालु">







