
बिलासपुर:—- आज का दिन स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, बिलासपुर के लिए सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक नई कहानी की शुरुआत था। यह कहानी उन युवा चेहरों की है जिनकी आँखों में उम्मीद की चमक और दिल में अनजाने सफर का उत्साह बस रहा था।सुबह-सुबह महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर शिक्षकों की पंक्ति, हाथों में फूल, माथे पर तिलक का रंग और चेहरे पर स्नेहिल मुस्कान… जैसे ही नवप्रवेशी छात्र पहुंचे, उनका स्वागत आशीर्वाद की तरह हुआ। यह पल केवल औपचारिकता नहीं था—यह मानो एक वचन था कि “अब तुम अकेले नहीं हो, यह महाविद्यालय तुम्हारा अपना घर है।”
दीक्षारंभ समारोह के मुख्य अतिथि, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष नंदलाल चौधरी ने भावुक शब्दों में कहा, “तुम्हारे कदमों से ही देश का भविष्य तय होगा। यहां से निकलकर सिर्फ विद्वान नहीं, बल्कि सच्चे इंसान बनो, जो समाज और राष्ट्र के लिए रोशनी बनें।”अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ. यू.के. श्रीवास्तव ने भारतीय ज्ञान-विज्ञान परंपरा का ज़िक्र करते हुए कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं, यह तुम्हें जीवन के हर मोर्चे पर सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प है।”
कार्यक्रम संयोजक डाॅ. प्रेमलता वर्मा ने NEP-2020 की विस्तृत जानकारी दी और NEP एम्बेसडर हिमांशी साहू व देवेश शर्मा को परिचित कराया, जिन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाया कि वे हर जरूरत में साथ खड़े रहेंगे।
डाॅ. राजकुमार सचदेव ने ग्रंथालय, खेल, एन.एस.एस., रेडक्रॉस सोसायटी और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि यह संस्थान छात्रों के सपनों को पंख देने के लिए हर अवसर मुहैया कराता है।
वरिष्ठ छात्रों ने रंगोली बनाकर और बैठक व्यवस्था में सहयोग देकर यह संदेश दिया—“हम आपके सहपाठी ही नहीं, आपके साथी हैं… यहां हर खुशी और हर संघर्ष हम सबका साझा है।”
कार्यक्रम में प्रो. बी.के. त्रिपाठी, डॉ. संजय धनवानी, डॉ. रामेश्वरी बंजारा, प्रो. प्रकाश त्रिपाठी, खेल अधिकारी ज्योति यादव, ग्रंथपाल डॉ. अविनाश सिंह, प्रो. कृतिका, प्रो. अविनाश, प्रो. श्वेता, प्रो. मानसी शर्मा, प्रो. श्रीवानी शर्मा सहित सभी कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे







