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जग शिव मंदिर रहस्यमय ढंग से जमींदोज, शिवलिंग व जलहरि गायब — श्रद्धालुओं में आक्रोश

रतनपुर से रवि ठाकुर की रिपोर्ट
रतनपुर से रवि ठाकुर की रिपोर्ट

रतनपुर :—–
रामटेकरी पहाड़ी की तलहटी में स्थित ऐतिहासिक बिकमा तालाब परिसर में श्रद्धा का केंद्र रहे एक प्राचीन शिव मंदिर को लेकर सनसनीखेज मामला सामने आया है। मंदिर न केवल जमींदोज हो गया, बल्कि उसमें स्थापित काले चिकने पत्थर से निर्मित शिवलिंग व जलहरि भी रहस्यमय ढंग से गायब हो गई है। इस घटना से धार्मिक आस्था को गहरा आघात पहुंचा है और नगरवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार, बिकमा तालाब के किनारे स्थित यह मंदिर वर्षों से उपेक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ था। बीते दिनों शहर के एक प्रतिष्ठित चावल व्यवसायी की बहन ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर इसके जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था। इस दौरान की तस्वीरें व वीडियो पूर्व पार्षद शिव मोहन बघेल ने सोशल मीडिया पर साझा भी की थी।हालांकि पूजा के महज दो दिन बाद जब स्थानीय लोग मंदिर पहुंचे, तो दृश्य पूरी तरह बदला हुआ था। मंदिर पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका था और उसका मलबा शिवलिंग के ऊपर गिरा हुआ था। पहले यह माना गया कि यह कार्य जीर्णोद्धार के तहत किया गया होगा, लेकिन जब चावल व्यवसायी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने इस कार्य से पूर्णतः अनभिज्ञता जताई।

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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूर्व पार्षद शिव मोहन बघेल ने मौके पर जेसीबी बुलवाकर मलबा हटवाया, लेकिन मंदिर में स्थापित शिवलिंग और जलहरि कहीं नजर नहीं आई। यह देखकर श्रद्धालु स्तब्ध रह गए।

धार्मिक भावनाओं को ठेस, कार्रवाई की मांग

प्राचीन मंदिर के इस रहस्यमयी तरीके से जमींदोज हो जाने और शिवलिंग-जलहरि के गायब होने को लेकर क्षेत्र में तीव्र असंतोष है। लोगों का कहना है कि बिना किसी विधिवत अनुमति व जानकारी के इस ऐतिहासिक धरोहर के साथ इस प्रकार की छेड़छाड़ निंदनीय है।

मंदिर को तोड़ने की अनुमति किसने दी? शिवलिंग और जलहरि कहां गई? क्या यह कृत्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया? ऐसे तमाम सवाल अब स्थानीय प्रशासन के सामने खड़े हो गए हैं।

पुलिस को अब तक सूचना नहीं, प्रशासन मौन

सबसे हैरानी की बात यह है कि घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक इसकी कोई शिकायत स्थानीय थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। प्रशासन और पुरातत्व विभाग भी पूरी तरह से मौन है। लोग अब मांग कर रहे हैं कि तत्काल प्रभाव से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और शिवलिंग व जलहरि को बरामद कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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