
जिला नारायणपुर के आप नेता पूर्व जिला अध्यक्ष सुरजीत सिंह ठाकुर ने ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर को अवगत कराते हुए बताया है कि मैं आम आदमी पार्टी जिला नारायणपुर में एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत हूं, मैं निरंतर इस उद्देश्य के लिए प्रयासरत रहा हूं कि, नारायणपुर जिले के आदिवासी अंचलों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समान शिक्षा का अवसर मिले,
ताकि वे भी आगे चलकर जिले, राज्य और देश का नाम रोशन कर सके। इसी भावना और सामाजिक दायित्व के तहत मैं समय-समय पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार हेतु आवाज उठाता रहा हूं।
इसी क्रम में बीते दिनों ग्राम कंगाली स्थित प्राथमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केंद्र से ग्रामीणों द्वारा गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षा का स्तर अत्यंत कमजोर है, बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है
तथा आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को वितरित किए जाने वाले रेडी टू ईट खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध है, एवं आकाबेड़ा सेक्टर द्वारा एक्सपायरी रेडी टू ईट वितरण किया जा रहा है। जो सीधे-सीधे बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीणों की पीड़ा को देखते हुए मैंने यह जानकारी पत्रकारों तक पहुंचाई, ताकि शासन प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित हो सके। किंतु अत्यंत खेद के साथ निवेदन करना पड़ रहा है कि उक्त मामले में खबर प्रकाशित न करने हेतु पत्रकारों पर दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है।
इतना ही नहीं संबंधित शिक्षकों द्वारा मेरे विरुद्ध तथा पत्रकारों के विरुद्ध निराधार एवं दुर्भावना पूर्ण आरोप लगाए गए, जो वास्तविक समस्याओं को उजागर करने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया गया।

आप नेता सुरजीत सिंह ठाकुर ने कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि शिक्षा और पोषण किसी भी समाज की नई होते हैं आदिवासी अंचल के मासूम बच्चों को यदि प्रारंभिक स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुरक्षित पोषण नहीं मिलेगा तो उनके उज्जवल भविष्य की कल्पना अधूरी रह जाएगी।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि ग्राम कंगाली स्थित प्राथमिक शाला में शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षक उपस्थित, पठन-पाठन की वास्तविक स्थिति निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा आंगनबाड़ी केंद्र में एक्सपायरी अथवा निम्न गुणवत्ता वाले रेडी टू ईट खाद्य पदार्थों के वितरण पर तत्काल रोक लगाते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए।










