
*सोनसाय नवागांव ब्लॉक- कोटा, (जिला बिलासपुर)।*
कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत सोनसाय नवागांव इन दिनों गंभीर विवाद, जल संकट और विकास कार्यों के भुगतान अटकने जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। पंचायत में सरपंच और सचिव के बीच बढ़ता टकराव अब खुलकर सामने आ गया है, जिसका सीधा असर ग्रामीणों और विकास कार्यों पर पड़ रहा है।
*सरपंच ने सचिव को हटाने की मांग*
ग्राम पंचायत की सरपंच दीपमाला रामकुमार मरकाम ने सचिव बसंत दास दीवान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जिला कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपा है।
सरपंच का आरोप है कि सचिव पंचायत में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, कार्यों में सहयोग नहीं करते और जनप्रतिनिधियों का मानदेय तक जारी नहीं किया गया। इससे पंचायत का कामकाज प्रभावित हो रहा है।
*सचिव का पलटवार*
वहीं सचिव बसंत दास दीवान ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि:
“जनवरी माह की ग्राम सभा के दौरान सरपंच के पति, भाई और परिवार के अन्य लोगों ने मेरे साथ गाली-गलौच और हाथापाई की। इसकी जानकारी मैंने अधिकारियों को दी थी। ऐसे माहौल में मैं पंचायत कम जाता हूं।”
इस बयान के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है।
*जल संकट से परेशान ग्रामीण*
गांव के आश्रम मोहल्ला और सरपंच मोहल्ला में पानी की भारी समस्या बनी हुई है।
3 महीने से हैंडपंप बंद पड़े हैं
जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी टंकी भी बंद पड़ी है
ग्रामीणों को रोजमर्रा के लिए दूर से पानी लाना पड़ रहा है।
*विकास कार्य हुए, लेकिन भुगतान नहीं*
पंचायत में कई विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन उनका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। ज्ञापन के अनुसार—
स्वच्छता हितग्राहियों का 10 माह से भुगतान लंबित
26 जनवरी कार्यक्रम का खर्च बकाया
सीसी रोड निर्माण (जंकर घर से परसाराम घर तक)
सीनटेक्स टंकी स्थापना (आंगनबाड़ी – 1000 लीटर)
सीनटेक्स टंकी (वार्ड 15 – 2000 लीटर, बंजारे घर के पास)
सीनटेक्स टंकी (वार्ड 15 – किताब घर के पास)
पंचायत भवन मरम्मत (पुट्टी, रंगाई)
स्कूल/शौचालय मरम्मत कार्य का भुगतान शेष
सरपंच व पंचों का 3 माह का मानदेय नहीं
आदिवासी कक्ष (प्राथमिक शाला) निर्माण पूरा, भुगतान बाकी
नियम के अनुसार 40% राशि पहले जारी होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ है।
*सबसे बड़ा सवाल: अधिकारी मौन क्यों?*
जब पंचायत में:
सरपंच–सचिव के बीच गंभीर विवाद है
जल संकट गहराता जा रहा है
विकास कार्यों का भुगतान अटका है
तो ऐसे में जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन क्यों हैं?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है।
*ग्रामीणों की मांग*
सरपंच–सचिव विवाद की निष्पक्ष जांच हो
पानी की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए
लंबित भुगतानों को शीघ्र जारी किया जाए
पंचायत में सुचारु प्रशासन बहाल किया जाए।

सरपंच–सचिव की जंग में प्यासा गांव: काम पूरे, भुगतान गायब… अधिकारी मौन क्यों?">






