
नट समुदाय के बीच विश्वास, जागरूकता और बदलाव की नई शुरुआत
ग्राम ठकुरिकापा में नट समुदाय के लिए आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में 113 लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया और अपनी बढ़ती जागरूकता और भरोसे का परिचय दिया।
शिविर के दौरान समुदाय को टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच (ANC), सुरक्षित संस्थागत प्रसव, मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता एवं संतुलित पोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। विशेष रूप से घर पर प्रसव से होने वाले जोखिमों और स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित प्रसव के महत्व को सरल भाषा में समझाया गया।
इस अवसर पर डॉ. मनीष बंजारा ने कहा कि नट समुदाय जैसे पारंपरिक एवं वंचित वर्गों को आधुनिक चिकित्सा की मुख्यधारा से जोड़ना केवल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विश्वास, सहभागिता और जागरूकता का मजबूत सेतु बनाना है। उन्होंने कहा कि जब समाज का हर वर्ग स्वस्थ और सुरक्षित होगा, तभी एक समृद्ध और सशक्त समाज का निर्माण संभव होगा।
स्वास्थ्य कर्मियों ने समुदाय के लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना, समाधान बताए और यह भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। समुदाय ने भी मातृत्व मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए मितानिनों के साथ समन्वय कर सहयोग करने का संकल्प लिया।
समुदाय के प्रतिनिधि जितेंद्र नट (पंच) ने भावुक शब्दों में कहा—
“पहले समय में बीमारियों के बारे में जानकारी सीमित थी और जीवनशैली भी अलग थी, इसलिए पारंपरिक उपचार ही सहारा था। लेकिन आज बदलते समय में आधुनिक चिकित्सा से जुड़ना जरूरी है। हम डॉ. बंजारा के आभारी हैं, जिन्होंने हमें सही दिशा दिखाई और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।”
उल्लेखनीय है कि डॉ. बंजारा इससे पहले भी ग्राम पदमपुर में नट समुदाय के लगभग 150 लोगों तथा ग्राम दाऊकापा में सांवरा समुदाय के 146 लोगों को अंधविश्वास एवं फूंक-झाड़ जैसी परंपराओं से बाहर निकालकर आधुनिक चिकित्सा की मुख्यधारा से जोड़ चुके हैं।
यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का प्रयास नहीं, बल्कि वंचित और पारंपरिक समुदायों के प्रति संवेदनशीलता, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायक उदाहरण है। शिविर को संपन्न कराने में सरपंच प्रतिनिधि बंटी जायसवाल का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर शारदा पाठक, रजनी जॉन, खुशबू, जगदीश टंडन एवं स्वास्थ्य मितानिन उपस्थित रहे।

नट समुदाय को मुख्यधारा स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने का अनुकरणीय प्रयास">








