
*गरियाबंद*:- जिले के धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी कार्य के दौरान बड़ी अनियमितता सामने आई है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान उपार्जन कार्यों की समीक्षा एवं जांच में उपार्जन केंद्र ढोर्रा और सीनापली में भारी मात्रा में धान की कमी (शॉर्टेज) पाई गई है। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों उपार्जन केंद्रों में निर्धारित मात्रा के अनुसार धान उपलब्ध नहीं है। जिससे समिति को आर्थिक क्षति हुई है।
भौतिक सत्यापन के अनुसार उपार्जन केंद्र ढोर्रा में कुल 83 हजार 449.60 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई थी। जबकि जांच के दौरान 2 हजार 113.24 क्विंटल धान कम पाया गया। इससे समिति को 65 लाख 51 हजार 44 रुपये की वित्तीय हानि हुई है। इसी प्रकार सीनापली उपार्जन केंद्र में कुल 87 हजार 26 क्विंटल धान खरीदी दर्ज की गई है। जबकि 2 हजार 151.96 क्विंटल धान की कमी पाई गई। जिससे समिति को 66 लाख 71 हजार 76 रुपये का नुकसान हुआ है। उल्लेखनीय है कि नियमानुसार धान उपार्जन में सुखत (ड्रायेज) मान्य नहीं है। इसके बावजूद दोनों केंद्रों में इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी पाया जाना गंभीर अनियमितता की ओर संकेत करता है।
कलेक्टर बीएस उइके के निर्देश पर सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त सुश्री महेश्वरी तिवारी द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए धान की कमी के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अभियोजन सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई किए जाने के लिए शाखा प्रबंधक गोहरापदर को निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने कहा है कि धान उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या वित्तीय क्षति के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा तथा नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ढोर्रा-सीनापली धान खरीदी केंद्रों में 4,265 क्विंटल धान की कमी, 1.32 करोड़ से अधिक की क्षति; कलेक्टर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश">





