
बैसवारा रजक समाज ने खोया अपना एक सम्मानित सदस्य
पूरन रजक के आकस्मिक निधन से समाज में शोक की लहर, आज सायं 4 बजे निकलेगी अंतिम यात्रा
बिलासपुर। बैसवारा रजक समाज के लिए शनिवार का दिन अत्यंत दुःखद रहा। समाज के सम्माननीय एवं सरल व्यक्तित्व के धनी श्री पूरन रजक (67 वर्ष) का 1 अगस्त 2026 को आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही परिजनों, रिश्तेदारों, समाजबंधुओं एवं शुभचिंतकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया। हर किसी की जुबान पर यही शब्द थे कि समाज ने आज अपना एक स्नेही, सहज और सम्मानित सदस्य खो दिया।
श्री पूरन रजक का परिवार बैसवारा रजक समाज में एक प्रतिष्ठित परिवार के रूप में जाना जाता है। वे बेलगहना निवासी श्री पन्नालाल रजक, स्वर्गीय गोरेलाल रजक, स्वर्गीय रामफेर रजक एवं स्वर्गीय गणेश रजक के छोटे भाई थे। अपने सौम्य व्यवहार, मिलनसार स्वभाव और पारिवारिक मूल्यों के कारण वे समाज के प्रत्येक व्यक्ति के बीच आदर और स्नेह के पात्र थे। उनके निधन से केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को ऐसी क्षति पहुँची है जिसकी भरपाई लंबे समय तक संभव नहीं होगी।
परिजनों के अनुसार, दिवंगत पूरन रजक की अंतिम यात्रा आज, 1 अगस्त 2026 को सायं 4:00 बजे मसानगंज स्थित उनके निज निवास से सरकंडा मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में समाजबंधुओं, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों के शामिल होने की संभावना है।
बैसवारा रजक समाज ने सभी समाजजनों एवं शुभचिंतकों से विनम्र अपील की है कि वे अंतिम यात्रा में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करें तथा शोक-संतप्त परिवार को इस कठिन घड़ी में अपनी संवेदनाएँ और संबल प्रदान करें।
जीवन की यह कठोर सच्चाई हर किसी को एक दिन स्वीकार करनी पड़ती है, किंतु कुछ व्यक्तित्व अपनी सरलता, आत्मीयता और सद्व्यवहार के कारण हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं। श्री पूरन रजक भी ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनकी स्मृतियाँ सदैव समाज के बीच जीवंत रहेंगी।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति एवं धैर्य प्रदान करें।
ॐ शांति। भावपूर्ण श्रद्धांजलि








