
राष्ट्रीय पोषण माह में गूंजा ‘एनीमिया मुक्त बचपन’ का संदेश, जागरूकता रैली से दिया स्वस्थ समाज का संदेश
जमुनाही–तिलकडीह में पालक बैठक, जागरूकता रैली और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन
रतनपुर….13 अगस्त 2026। राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर शासकीय प्राथमिक शाला जमुनाही–तिलकडीह, संकुल पोड़ी, विकासखंड कोटा, जिला बिलासपुर में एनीमिया जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों, किशोरियों, महिलाओं, पालकों एवं ग्रामीण समुदाय को संतुलित आहार, पर्याप्त पोषण और एनीमिया की रोकथाम के प्रति जागरूक करना रहा।
पालक बैठक में पोषण और एनीमिया पर हुई चर्चा
अभियान के तहत शाला प्रबंधन समिति (SMC), पालकों एवं समुदाय के सदस्यों की बैठक आयोजित की गई। इसमें एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव और पोषण संबंधी उपायों की जानकारी दी गई। साथ ही यह संदेश दिया गया कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समुदाय की भी साझा जिम्मेदारी है।
गांव में निकली जागरूकता रैली
जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय के बच्चों ने पूरे गांव में जागरूकता रैली निकाली। बच्चों ने प्रेरक नारों और स्लोगन के माध्यम से ग्रामीणों को पौष्टिक भोजन अपनाने, आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने और एनीमिया से बचाव के लिए जागरूक किया।
बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने रैली को ग्रामीणों तक
पोषण का संदेश पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बना दिया।
चित्रकला के जरिए बच्चों ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
कार्यक्रम के दौरान चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने अपने चित्रों के माध्यम से पौष्टिक आहार, हरी सब्जियों, स्वस्थ जीवनशैली और एनीमिया से बचाव जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता से बच्चों में पोषण संबंधी समझ विकसित होने के साथ उनकी सृजनात्मक प्रतिभा को भी प्रोत्साहन मिला।
एनीमिया से बचाव के लिए संतुलित आहार जरूरी
कार्यक्रम में बताया गया कि एनीमिया या रक्ताल्पता में शरीर में पर्याप्त हीमोग्लोबिन या स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। इसके चलते थकान, कमजोरी, त्वचा का फीका पड़ना, चक्कर आना और सांस फूलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अभियान के दौरान आयरन, विटामिन B12 और फोलेट युक्त खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने पर जोर दिया गया। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, चना, तिल, गुड़ सहित स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों के सेवन और आयरन के अवशोषण के लिए विटामिन-C युक्त खाद्य पदार्थ लेने की जानकारी दी गई। आवश्यकता होने पर चिकित्सक या स्वास्थ्यकर्मी की सलाह से आयरन-फोलिक एसिड की खुराक लेने के बारे में भी बताया गया।
विद्यालय से पूरे गांव तक पहुंचा पोषण का संदेश
जमुनाही–तिलकडीह में आयोजित यह अभियान इस बात का उदाहरण बना कि विद्यालय और समुदाय मिलकर काम करें तो जागरूकता का संदेश विद्यालय की चारदीवारी से निकलकर पूरे गांव तक पहुंच सकता है। पालक बैठक, बच्चों की रैली और चित्रकला प्रतियोगिता ने मिलकर पोषण जागरूकता को जन-अभियान का रूप दिया।
“सही पोषण, स्वस्थ जीवन—एनीमिया मुक्त बचपन, सशक्त भविष्य” के संदेश के साथ अभियान का समापन हुआ। कार्यक्रम ने बच्चों, पालकों और ग्रामीण समुदाय को स्वस्थ एवं पोषण-सक्षम समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया

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