
तखतपुर, सकरी, घुटकू, जुनापारा तक फैला है मिलावटी मिठाइयों का जाल, ग्रामीण बन रहे हैं शिकार
तखतपुर, बिलासपुर (छ.ग.) :—भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व से पहले तखतपुर नगर सहित आसपास के समूचे अंचल में मिठाइयों के नाम पर लोगों की सेहत के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। नगर के मुख्य बाजार, पुराना बस स्टैंड, मंडी चौक से लेकर सकरी, घुटकू, खम्हरिया और जुनापारा तक के गांवों में नकली रेडीमेड मिठाइयों का खुला कारोबार फल-फूल रहा है।
कैसे हो रहा है खेल?
प्राप्त जानकारी के अनुसार तखतपुर के अधिकांश दुकानदारों ने इस बार खुद मिठाई बनाना ही बंद कर दिया है। बिलासपुर और रायपुर के बड़े कारखानों से सस्ती दर पर बनी-बनाई काजू कतली, मिल्क केक, कलाकंद और बर्फी जैसी दिखने वाली मिठाइयां बोरे और कैरेट में भरकर लाई जा रही हैं।
इन मिठाइयों को बनाने में दूध के खोवा की जगह डालडा, पाम ऑयल, मिल्क पाउडर और अरारोट का उपयोग किया जाता है। मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए प्रतिबंधित केमिकल रंग और तेज एसेंस मिलाया जाता है। एक किलो असली खोवा की कीमत जहां 400 रुपये से अधिक है, वहीं ये नकली मिठाइयां 120 से 160 रुपये किलो की दर से व्यापारियों को मिल जाती हैं, जिसे वे 300 से 400 रुपये किलो में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
ग्राहकों के भरोसे के साथ धोखा*
दुकानों पर इन मिठाइयों को खुले में रखा गया है। न तो इन पर बनाने की तारीख है और न ही एक्सपायरी डेट। दुकान पर पहुंचने वाले ग्रामीण ग्राहकों को दुकानदार यह कहकर भरोसा दिला रहे हैं कि यह शुद्ध देसी घी और ताजे खोवा की मिठाई है। त्योहार की जल्दबाजी में लोग बिना जांच-परख के इसे खरीद रहे हैं।
सेहत के लिए कितनी खतरनाक?
चिकित्सकों के अनुसार ऐसी मिलावटी और केमिकल युक्त मिठाइयों के सेवन से फूड प्वाइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट में संक्रमण, लीवर और किडनी पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी अधिक घातक सिद्ध हो सकती है।
खाद्य विभाग की भूमिका पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़ा हो रहा है। रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार के पहले खाद्य सुरक्षा विभाग को सतर्क रहना चाहिए, लेकिन तखतपुर में विभाग की टीम ने इस सीजन में एक भी दुकान पर सैंपलिंग या जांच नहीं की है। विभाग की इस चुप्पी से मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग केवल कागजों में कार्रवाई दिखाकर आंखें बंद किए तमाशा देख रहा है।
स्थानीय लोगों की मांग
क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और समाजसेवियों ने बिलासपुर कलेक्टर और खाद्य सुरक्षा अधिकारी से मांग की है कि तत्काल तखतपुर और आसपास के गांवों में मिठाई दुकानों पर औचक निरीक्षण किया जाए, मिठाइयों के सैंपल लेकर लैब में जांच कराई जाए और जो व्यापारी दोषी पाए जाएं उन पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई कर उनकी दुकानों को सील किया जाए।








