
आचार्य अमर कृष्ण शुक्ल ने कहा—भगवान के प्रति अटूट भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने से ही जीवन का कल्याण
जगदलपुर:– पंजाबी सनातन धर्म सभा जगदलपुर एवं महिला सत्संग समिति के तत्वावधान में पंजाब भवन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथा वाचक आचार्य अमर कृष्ण शुक्ल के मुखारविंद से कथा का रसपान करने शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन के प्रति लोगों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह रही कि पंजाबी समाज के साथ ही शहर के विभिन्न समाजों के लोग भी परिवार सहित कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।
कथा स्थल पर पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से कथा सुनते नजर आए। आचार्य अमर कृष्ण शुक्ल ने श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भक्ति, धर्म, संस्कार और सद्कर्म के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में सांसारिक उपलब्धियों के साथ ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा, सत्य के मार्ग पर चलना और जरूरतमंदों की सेवा करना भी जरूरी है। भगवान की भक्ति मनुष्य को विपरीत परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने और सही मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करती है।
जीवन को दिशा देने वाला ग्रंथ है भागवत
आचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला ग्रंथ है। इसके प्रत्येक प्रसंग में जीवन के लिए महत्वपूर्ण संदेश छिपा हुआ है। परिवार में संस्कार, बड़ों का सम्मान, बच्चों को अच्छे संस्कार देना और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना सनातन जीवन पद्धति के महत्वपूर्ण अंग हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और सत्य के मार्ग पर चलते हुए सद्कर्म करने का आह्वान किया।
आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे समिति के सदस्य
कथा के सफल आयोजन में पंजाबी सनातन धर्म सभा के पदाधिकारी एवं वरिष्ठजन, महिला सत्संग समिति की सदस्याएं तथा युवा समिति के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की व्यवस्था से लेकर प्रसाद वितरण तक समिति के सदस्य जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है और कथा समाप्ति के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर घर लौट रहे हैं।
सभी समाजों से शामिल होने की अपील
आयोजन समिति ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा धार्मिक आयोजन के साथ समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, संस्कार एवं सनातन परंपराओं से जोड़ने का माध्यम भी है। पंजाबी सनातन धर्म सभा, महिला सत्संग समिति एवं युवा समिति ने शहरवासियों और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में पंजाब भवन पहुंचकर कथा श्रवण करने की अपील की है।

भागवत कथा के चौथे दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, बढ़ती जा रही श्रद्धालुओं की संख्या">






