
चेहरे,हाथ और पैर में आई चोटें, गंभीर हालत में बिलासपुर रेफर
हमले के बाद गांव में दहशत, वन विभाग ने शुरू की बाघ की तलाश
रतनपुर…कोटा वन विकास निगम क्षेत्र के ग्राम दवनपुर में शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब खेत में खाद छिड़कने गए एक ग्रामीण पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। हमले में ग्रामीण के चेहरे, हाथ और पैर में चोटें आई हैं। ग्रामीण ने हिम्मत दिखाते हुए लोहे के घमेला से बाघ का मुकाबला किया, जिसके बाद बाघ मौके से भाग निकला।
जानकारी के अनुसार ग्राम दवनपुर निवासी संजू मरकाम पिता महादेव मरकाम, उम्र करीब 42 वर्ष, शनिवार सुबह लगभग 7 बजे अपने खेत में खाद छिड़कने गया था। इसी दौरान खेत की मेड़ के पास झाड़ियों में बैठे बाघ ने अचानक उस पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से संजू संभल नहीं पाया और बाघ के पंजों से उसके चेहरे, हाथ और पैर में चोटें आईं।
लोहे के घमेला से बाघ का किया सामना
हमले के दौरान संजू मरकाम ने हिम्मत नहीं हारी। उसने अपने पास मौजूद लोहे के घमेला से बाघ पर वार कर उसका मुकाबला किया। ग्रामीण के प्रतिरोध के बाद बाघ वहां से भाग गया।
इसके बाद घटना की जानकारी आसपास के लोगों को मिली तो क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।घायल संजू मरकाम को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी स्थिति को देखते हुए सिम्स बिलासपुर रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
कई दिनों से गांवों के आसपास बाघ की मौजूदगी
ग्रामीणों के अनुसार दवनपुर, परसदा और पीपरखुटी क्षेत्र के आसपास पिछले कई दिनों से एक बाघिन के विचरण की चर्चा है। बताया जा रहा है कि यह क्षेत्र शिवतराई-अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगा हुआ है।
क्षेत्र में बाघ के पगमार्क देखे जाने की भी जानकारी सामने आई है।पीपरखुटी गांव की जंगल मितानिन दुर्गा मश्राम द्वारा बाघ के बताए जा रहे पगमार्क की तस्वीर लिए जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि वन्यजीव की मौजूदगी और घटना से संबंधित अंतिम पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
बाघ की तलाश में जुटी वन विभाग की टीम
घटना के बाद वन विकास निगम एवं वन विभाग की टीम दवनपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में बाघ की तलाश और निगरानी में जुट गई है। टीम द्वारा बाघ की गतिविधियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में लगातार नजर रखी जा रही है।
ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील
घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। वन विभाग की ओर से लोगों को सतर्क रहने तथा फिलहाल अकेले खेत, झाड़ियों और जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।
ग्रामीणों से अपील की गई है कि झुंझ झाड़ियों वाले क्षेत्र में जाने से बचें और यदि बाघ अथवा किसी अन्य वन्यजीव की मौजूदगी दिखाई दे तो उसके पास जाने या भीड़ लगाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

दवनपुर में खेत में खाद छिड़क रहे ग्रामीण पर बाघ का हमला, लोहे के घमेला से किया मुकाबला">








